श्रीगंगानगर में कार की टक्कर से 2 महिलाओं की मौत:एक लड़की गंभीर घायल, खेत से नरमा चुगाई कर घर लौट रही थीं
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →तेज रफ्तार कार ने खेत से पैदल घर लौट रही तीन महिलाओं को टक्कर मार दी। हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक लड़की गंभीर घायल हो गई। घायल को सादुलशहर के सरकारी हॉस्पिटल में प्राथमिक उपचार के बाद श्रीगंगानगर रेफर किया गया। टक्कर के बाद कार ड्राइवर गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गया, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।
हादसा गुरुवार शाम करी 7:30 बजे सादुलशहर थाना क्षेत्र में अबोहर-हनुमानगढ़ स्टेट हाईवे पर 9 केआरडब्ल्यू के पास हुआ। खेत से काम पूरा कर पैदल घर लौट रही थीं श्रीगंगानगर जिले के सादुलशहर में वार्ड नंबर 12 निवासी सलो (55) पत्नी साहबराम ओड़, कलो (55) पत्नी दुलीचंद ओड़ और सलो की करीब 30 साल की बेटी गुरुवार शाम खेतों में नरमा चुगाई का काम पूरा करने के बाद पैदल घर लौट रही थीं।
तीनों महिलाएं सड़क किनारे चल रही थीं। दिनभर खेत में काम करने के बाद वे घर जा रही थीं। हनुमानगढ़ की ओर से आई कार ने तीनों को टक्कर मारी इसी दौरान अबोहर-हनुमानगढ़ स्टेट हाईवे पर 9 केआरडब्ल्यू के पास हनुमानगढ़ की ओर से सामने से तेज रफ्तार कार आई। कार ने सड़क किनारे पैदल चल रही तीनों महिलाओं को टक्कर मार दी।
हादसे में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना सादुलशहर थाना क्षेत्र की है। हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और तीनों घायलों को इलाज के लिए सादुलशहर के सरकारी हॉस्पिटल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने सलो और कलो को मृत घोषित कर दिया। वहीं सलो की बेटी की हालत गंभीर होने पर उसे प्राथमिक उपचार के बाद श्रीगंगानगर रेफर कर दिया गया।
टक्कर के बाद कार ड्राइवर गाड़ी लेकर फरार टक्कर के बाद कार ड्राइवर मौके पर नहीं रुका और कार लेकर फरार हो गया। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। फिलहाल पुलिस ने कार ड्राइवर और कार की तलाश शुरू कर दी है। तीनों महिलाएं खेतों में नरमा चुगाई का काम करती थीं।
दिनभर खेत में काम करने के बाद घर लौटते समय हुए हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि सलो की बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। घटना के बाद वार्ड नंबर 12 में शोक का माहौल है।
📡 स्रोत: NewsData.io
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
इस त्रासदी से हमें याद दिलाता है कि सड़क सुरक्षा का पालन करना न केवल कानूनी ज़िम्मेदारी है, बल्कि समाज की एकजुटता का प्रतीक भी है। तेज़ रफ़्तार से बचकर, ट्रैफ़िक नियमों का पालन करके हम अनजाने में अनगिनत जानें बचा सकते हैं। जब कोई दुर्घटना हो, तो तुरंत मदद पहुँचाना और अपराधी को न्याय के कटघरे में लाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। इस घटना से प्रेरित होकर, चलिए हम सभी मिलकर सुरक्षित और जिम्मेदार ड्राइविंग का आदर्श स्थापित करें।