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श्रीकृष्ण धरती के प्रथम राजकुमार, सर्वगुण सम्पन्न और 16 कला सम्पूर्ण स्वरूप के प्रतीक : राजेंद्र शुक्ल

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 4 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
श्रीकृष्ण धरती के प्रथम राजकुमार, सर्वगुण सम्पन्न और 16 कला सम्पूर्ण स्वरूप के प्रतीक : राजेंद्र शुक्ल

जन्माष्टमी महोत्सव एवं शिक्षक सम्मान समारोह में श्रीकृष्ण के पवित्र, निर्विकार, अहिंसक और मर्यादा पुरुषोत्तम स्वरूप पर हुआ मंथन

रीवा, 4 सितंबर। ब्रह्माकुमारीज सब जोन, रीवा द्वारा शांतिधाम, झिरिया में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव एवं शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। आध्यात्मिक वातावरण में हुए समारोह में भगवान श्रीकृष्ण के आदर्श स्वरूप, भारतीय संस्कृति, संस्कारों और समाज निर्माण में शिक्षकों की भूमिका पर वक्ताओं ने विचार रखे।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल मुख्य अतिथि और लोकसभा सांसद जनार्दन मिश्र अध्यक्ष के रूप में मौजूद रहे।

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उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि शिक्षक केवल पुस्तकीय ज्ञान देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे विद्यार्थियों को जीवन की सही दिशा देने और उनके व्यक्तित्व का निर्माण करने वाले राष्ट्र निर्माता हैं। शिक्षा के साथ संस्कार और चरित्र निर्माण पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में श्रीकृष्ण श्रेष्ठ जीवन, पवित्रता, प्रेम, साहस और मर्यादा के प्रतीक हैं।

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शुक्ल ने कहा कि श्रीकृष्ण धरती के प्रथम राजकुमार के रूप में सतयुगी स्वर्णिम संसार की सम्पूर्णता के प्रतीक माने जाते हैं। उनका स्वरूप सर्वगुण सम्पन्न, 16 कला सम्पूर्ण, पवित्र, निर्विकार, अहिंसक और मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में वर्णित है।

श्रीकृष्ण का जीवन पवित्रता, प्रेम, शांति, आनंद, सत्य, ज्ञान और श्रेष्ठ संस्कारों का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी की सार्थकता केवल पर्व मनाने में नहीं, बल्कि श्रीकृष्ण के श्रेष्ठ गुणों को अपने जीवन में उतारने में है।

उप मुख्यमंत्री ने ब्रह्माकुमारीज संस्था के आध्यात्मिक ज्ञान और संस्कारों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को ज्ञान के साथ संस्कार और चरित्र देने में शिक्षक तथा सामाजिक संस्थाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

लोकसभा सांसद जनार्दन मिश्र ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि चरित्रवान और संस्कारवान नागरिक तैयार करना है। श्रीकृष्ण का जीवन पवित्रता, प्रेम, सत्य, शांति और मर्यादा के मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है।

ब्रह्माकुमारीज की संचालिका बीके लता ने भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आध्यात्मिक महत्व पर विचार रखे। समारोह में सात वर्षीय प्रियांशी सिंह ने योग की मनमोहक प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इस अवसर पर शिक्षा, संस्कार और समाज निर्माण में योगदान देने वाले शिक्षकों का सम्मान भी किया गया।

कार्यक्रम में नगर निगम नेता प्रतिपक्ष दीनानाथ वर्मा, नगर निगम अध्यक्ष वेंकटेश पांडे सहित जनप्रतिनिधि, शिक्षक, समाजसेवी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।