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श्रीलंका के वैज्ञानिक संस्थान के निदेशक ने किया एन बी आर आई का दौरा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 18 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
श्रीलंका के वैज्ञानिक संस्थान के निदेशक ने किया एन बी आर आई का दौरा

लखनऊ में  श्रीलंका के कैंडी स्थित राष्ट्रीय मौलिक अध्ययन संस्थान एनआईएफएस के निदेशक प्रो. डगलस सिरिल अभयविक्रम विजेसुंदरा ने 18 सितम्बर, 2026 को सीएसआईआर राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान सीएसआईआर–एनबीआरआई लखनऊ का दौरा किया।दौरे के दौरान प्रो. विजेसुंदरा ने सीएसआईआर–एनबीआरआई के क्षेत्र समन्वयकों एवं वैज्ञानिकों के साथ संवाद किया तथा भविष्य में वैज्ञानिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।

ग्लैडियोलस कॉन्फ्रेंस रूम में आयोजित इस संवाद के दौरान पारस्परिक रुचि के संभावित क्षेत्रों तथा संस्थागत सहयोग को सुदृढ़ करने के विभिन्न अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया। सीएसआईआर–एनबीआरआई, लखनऊ एवं सीएसआईआर–आईआईआईएम, जम्मू के निदेशक डॉ. ज़बीर अहमद ने कहा कि प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों एवं शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुखों के दौरे सार्थक वैज्ञानिक संवाद तथा विचारों, विशेषज्ञता और अनुसंधान अनुभवों के आदान-प्रदान का अवसर प्रदान करते हैं।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के संवाद से संस्थानों को एक-दूसरे के कार्यक्षेत्रों को समझने तथा उन क्षेत्रों की पहचान करने में सहायता मिलती है, जहाँ उनकी वैज्ञानिक क्षमताएँ एक-दूसरे की पूरक बन सकती हैं।डॉ. अहमद ने आशा व्यक्त की कि प्रो. डगलस सिरिल अभयविक्रम विजेसुंदरा एवं एनआईएफएस के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई यह बातचीत सीएसआईआर–एनबीआरआई और एनआईएफएस के बीच, विशेष रूप से वनस्पति एवं पादप विज्ञान के क्षेत्रों में, अधिक निकट सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेगी।

उन्होंने कहा कि दोनों संस्थानों के बीच सहयोगात्मक अनुसंधान, वैज्ञानिक विशेषज्ञता एवं ज्ञान का आदान-प्रदान, अनुसंधान सुविधाओं का साझा उपयोग, क्षमता निर्माण, पादप विविधता एवं संरक्षण, पादप प्रवर्धन, पादप जैवप्रौद्योगिकी तथा अन्य संबंधित क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएँ हैं। उन्होंने आगे कहा कि विभिन्न देशों के संस्थानों के बीच वैज्ञानिक साझेदारियाँ शोधकर्ताओं को एक-दूसरे से सीखने तथा उभरती हुई चुनौतियों के समाधान के लिए विविध विशेषज्ञताओं को एक साथ लाने का अवसर प्रदान करती हैं।

ऐसी साझेदारियाँ युवा वैज्ञानिकों एवं शोधार्थियों के लिए संयुक्त शैक्षणिक और अनुसंधान गतिविधियों में भागीदारी के अवसर भी सृजित कर सकती हैं तथा दीर्घकालिक वैज्ञानिक संबंधों को सुदृढ़ कर सकती हैं। वही कार्यक्रम का शुभारंभ सीएसआईआर–एनबीआरआई के वैज्ञानिक-जी डॉ. समीर सावंत एवं क्षेत्र समन्वयकों द्वारा प्रो.

विजेसुंदरा के स्वागत से हुआ। इसके पश्चात क्षेत्र समन्वयकों एवं उपस्थित वैज्ञानिकों का परिचय कराया गया। इस दौरान वनस्पति एवं पादप विज्ञान तथा संबंधित क्षेत्रों में भविष्य में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा के लिए एक संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया। भ्रमण के दौरान उन्होंने संस्थान के समृद्ध वनस्पति संग्रह, विविध पादप प्रजातियों, विषयगत उद्यानों तथा विशिष्ट पादप प्रवर्धन एवं ऊतक संवर्धन सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।

इस अवसर पर उन्हें सीएसआईआर–एनबीआरआई के अनुसंधान अवसंरचना, पादप संरक्षण संबंधी योजनाएं  तथा विभिन्न पादप प्रजातियों के संरक्षण, प्रवर्धन एवं वैज्ञानिक अध्ययन के लिए किए जा रहे प्रयासों को जानने का अवसर मिला। संस्थान के विषयगत उद्यानों एवं विशिष्ट सुविधाओं ने वनस्पति अनुसंधान, बागवानी नवाचार तथा पादप विविधता के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में संस्थान के कार्यों को भी प्रदर्शित किया।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।