शुक्रवार, सावन पूर्णिमा और रक्षाबंधन का योग आज:महालक्ष्मी, भगवान विष्णु और बाल गोपार का करें अभिषेक, शिवलिंग पर बिल्व पत्र चढ़ाकर करें पूजा, दूध का करें दान
आज (शुक्रवार, 28 अगस्त) सावन पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन है। आज चंद्र ग्रहण भी है, लेकिन यह ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा, इस कारण इसका सूतक भी नहीं रहेगा। आज भद्रा भी नहीं है, इसलिए पूरे दिन पूर्णिमा और रक्षा बंधन से जुड़े सभी धर्म-कर्म बिना किसी बाधा के किए जा सकेंगे।
शुक्रवार और सावन पूर्णिमा के योग में कौन-कौन से शुभ काम करें... बहनें ऐसे बांध सकती हैं भाई को राखी राखी बांधने की पारंपरिक विधि में भाई को आसन पर बैठाकर उसके माथे पर रोली या कुमकुम से तिलक लगाया जाता है। इसके बाद अक्षत यानी चावल लगाए जाते हैं, आरती उतारी जाती है और दाएं हाथ की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा जाता है।
अंत में मिठाई खिलाकर भाई-बहन एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं। भाई अपनी बहन को उपहार देकर उसके प्रति स्नेह व्यक्त करता है। रक्षाबंधन की पौराणिक कथा रक्षाबंधन से जुड़ी कई पौराणिक मान्यताएं प्रचलित हैं। इनमें भगवान श्रीकृष्ण और द्रौपदी की कथा सबसे अधिक प्रसिद्ध है।
मान्यता है कि श्रीकृष्ण की उंगली में चोट लगने पर द्रौपदी ने अपने वस्त्र का एक हिस्सा फाड़कर उनकी उंगली पर बांध दिया था। इसे भाई-बहन के स्नेह और रक्षा के भाव से जोड़ा जाता है। एक अन्य प्रसिद्ध कथा राजा बलि और माता लक्ष्मी से जुड़ी है। मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु राजा बलि को दिए वचन के कारण उनके साथ रहने लगे थे।
तब माता लक्ष्मी ने राजा बलि को रक्षा सूत्र बांधकर भाई बनाया और उपहार में भगवान विष्णु को अपने साथ ले जाने की इच्छा व्यक्त की। राजा बलि ने उनकी बात स्वीकार कर ली। इसके बाद भगवान विष्णु माता लक्ष्मी के साथ अपने धाम वैकुंठ लौट आए।
📡 स्रोत: NewsData.io