भोपाल

सीआईओ के साइंस ओलंपियाड में लगभग 2 हज़ार छात्रों ने हिस्सा लिया

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 25 अक्टूबर 2026 👁️ 3 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
सीआईओ के साइंस ओलंपियाड में लगभग 2 हज़ार छात्रों ने हिस्सा लिया

भोपाल, 25 अक्टूबर 2026: चिल्ड्रन इस्लामिक ऑर्गनाइज़ेशन (सीआईओ) के तहत पहली बार प्रदेश के अलग-अलग शहरों में साइंस ओलंपियाड का आयोजन किया गया जिसमें छठी, सातवीं और आठवीं वर्ग के 2 हज़ार से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता में प्रदेश के अलग-अलग समुदायों के छात्र शामिल थे।

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साइंस ओलंपियाड का मकसद बच्चों में साइंस में दिलचस्पी जगाना, उनकी सोचने, देखने और विश्लेषणात्मक कौशल को विकसित करना एवं उन्हें प्रकृति को समझने के लिए बढ़ावा देना है। यह बच्चों को पर्यावरण बचाने और प्राकृतिक चीज़ों के सही इस्तेमाल के बारे में भी सिखाता है।

ओलंपियाड के प्रश्न पत्र छात्रों के ग्रेड के अनुसार तैयार किए गए थे। सातवीं और आठवीं कक्षा के पेपर NCERT विज्ञान पाठ्यक्रम पर आधारित थे, जबकि छट्टी कक्षा के लिए पर्यावरण विज्ञान को आधार बनाया गया था। छात्रों की आसानी के लिए इम्तहान अंग्रेज़ी, हिंदी, उर्दू और अलग-अलग क्षेत्रीय भाषाओं में लिए गए।

परीक्षा की वयवस्था की समीक्षा करने और छात्रों का हौसला बढ़ाने के लिए जमाअत-ए-इस्लामी हिंद और सीआईओ के कई अधिकारियों ने राज्य में अलग-अलग स्थानों पर परीक्षा केंद्रों का दौरा किया। इनमें जमाअत-ए-इस्लामी हिंद मध्यप्रदेश के उपाध्यक्ष सैयद शाहिद अली, अलग-अलग सर्कल के लीडर, सीआईओ और दूसरे अधिकारी शामिल थे। भोपाल, जबलपुर,इंदौर, उज्जैन, सिवनी आदि स्थानों में भी परीक्षा केंद्रों का दौरा किया।

इस मौके पर CIO मध्यप्रदेश की सचिव हिना फ़रहान ने ओलंपियाड के सफल आयोजन के लिए प्रदेश संयोजक रेशमा यासिर और उनकी पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता राज्य की इकाइयों और टीम के सदस्यों की सामूहिक कोशिशों का नतीजा है। ओलंपियाड को लोकल मीडिया, टीवी चैनल्स और सोशल मीडिया पर भी कवर किया गया। अभिभावकों ने इस पहल की तारीफ़ की और इसे बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि, शैक्षणिक कौशल और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देने की एक अच्छी कोशिश बताया।

सीआईओ की सभी प्रादेशिक इकाइयां स्कूलों और दूसरे शैक्षिक संस्थानों के साथ मिलकर आयोजित किया गया यह साइंस ओलंपियाड बच्चों में विज्ञान के प्रति जागरूकता लाने, उनके कौशल को बेहतर बनाने और उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के मौके देने की एक कोशिश है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।