सिद्धार्थनगर में 96.96 लाख की सड़क अधूरी:48.48 लाख का भुगतान जारी, PWD की कार्यप्रणाली पर सवाल
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →सिद्धार्थनगर में लोक निर्माण विभाग (PWD) के कामकाज पर सवाल उठ रहे हैं। भुसौला-नरकटहा से विशुनपुरवा साधन सहकारी समिति तक की सड़क का निर्माण अधूरा है। इस सड़क के लिए 96.96 लाख रुपये की लागत तय की गई थी, जिसमें से 48.48 लाख रुपये जारी भी हो गए हैं। लेकिन मौके पर सिर्फ जीएसबी गिट्टी बिछी मिली है और आगे का काम रुका हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार, करीब आठ महीने से सड़क पर सिर्फ गिट्टी पड़ी है। दैनिक भास्कर की टीम ने मौके पर जाकर सड़क की स्थिति देखी। बिखरी गिट्टी के कारण बाइक और दूसरे वाहन चलाना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि कई लोग फिसलकर चोटिल हो चुके हैं। बच्चों के गिरने की घटनाएं भी हुई हैं। यानी जिस सड़क से लोगों को सुरक्षित आना-जाना मिलना था, वही अधूरी सड़क अब हादसों की वजह बन रही है।
भुसौला-नरकटहा के अलावा सेमरा-बेलौहा और केनवनिया-लौहरौली सड़कें भी अधूरी हैं। इन सड़कों के निर्माण में देरी से PWD के कामकाज पर सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि 48.48 लाख रुपये का भुगतान किस आधार पर किया गया है। अगर यह रकम काम के हिसाब से जारी हुई, तो उस समय कितना काम हुआ था माप की कॉपी में कितना काम दर्ज है और क्या वह जमीन पर मौजूद है सड़क में इस्तेमाल हुई गिट्टी और डामर की मात्रा कागजों में कितनी है और मौके पर कितनी दिख रही है, इसकी जांच होनी चाहिए।
इन सभी सवालों के जवाब विभाग के रिकॉर्ड और मौके की जांच से ही मिल सकते हैं। इसी तस्वीर का दूसरा हिस्सा सेमरा जाफरजोत से बेलौहा संपर्क मार्ग है। इस सड़क की कुल लागत 87.63 लाख रुपये है और 43.82 लाख रुपये जारी होने की बात सामने आई है। यहां भी जीएसबी डालने के बाद काम अधूरा रहने का आरोप है।
जब सड़क के लिए लाखों रुपये जारी हो चुके हैं तो निर्माण पूरा कराने में इतनी लंबी देरी क्यों हुई, यह सवाल विभाग से जवाब मांगता है। तीसरी सड़क केनवनिया बघेला से लौहरौली संपर्क मार्ग है। इसकी कुल लागत 84.43 लाख रुपये है और 42.22 लाख रुपये जारी हुए हैं। यहां भी जीएसबी डालने के बाद काम पूरा नहीं होने की बात सामने आई है।
तीनों मामलों में एक जैसी स्थिति सामने आने से विभाग की निगरानी और ठेकेदार पर नियंत्रण को लेकर सवाल और गंभीर हो जाते हैं। तीनों सड़कों की कुल लागत 2 करोड़ 69.02 लाख रुपये है। इनमें 1 करोड़ 34.52 लाख रुपये जारी हो चुके हैं। आधे से ज्यादा रकम जारी होने के बाद भी तीनों सड़कें पूरी नहीं हैं तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि काम की निगरानी किस स्तर पर हुई और भुगतान से पहले मौके पर क्या देखा गया।
📡 स्रोत: NewsData.io