व्यापार

सीधी- महुआ आधारित उत्पादों के मूल्य संवर्धन, पैकेजिंग और विपणन की सीख लेंगी 21 महिला समूह सदस्य

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
सीधी- महुआ आधारित उत्पादों के मूल्य संवर्धन, पैकेजिंग और विपणन की सीख लेंगी 21 महिला समूह सदस्य

मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा वित्तपोषित तथा इंस्टीट्यूट ऑफ लाइवलीहुड रिसर्च एंड ट्रेनिंग, सीधी के तकनीकी सहयोग से सीधी एवं मझौली विकासखंड की महिला समूह सदस्यों को शैक्षणिक भ्रमण एवं प्रशिक्षण के लिए जगदलपुर, बस्तर रवाना किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान महिलाएं बस्तर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड में महुआ से तैयार होने वाले उन्नत एवं मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्माण की आधुनिक तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण लेंगी। इसमें महुआ के बेहतर उपयोग के साथ उत्पादों की गुणवत्ता, मूल्य संवर्धन, आकर्षक पैकेजिंग और प्रभावी विपणन की बारीकियां सिखाई जाएंगी।

इस पहल का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध महुआ को केवल पारंपरिक वन उपज के रूप में उपयोग करने के बजाय उससे गुणवत्तापूर्ण और बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने के लिए महिलाओं को सक्षम बनाना है। प्रशिक्षण से महिला समूहों को उत्पाद निर्माण से लेकर पैकेजिंग और बाजार तक पहुंच बनाने की नई जानकारी मिलेगी, जिससे उनकी आय एवं आजीविका के अवसरों को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

धौहनी विधायक कुंवर सिंह टेकाम ने हरी झंडी दिखाकर महिलाओं के शैक्षणिक भ्रमण वाहन को जगदलपुर के लिए रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय संसाधनों पर आधारित महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण एवं भ्रमण ग्रामीण महिलाओं को नई तकनीक, बेहतर उत्पादन प्रणाली और बाजार से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराते हैं।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

मध्यप्रदेश के ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत, सीधी और मझौली विकासखंड की 21 महिला समूह सदस्य महुआ आधारित उत्पादों के मूल्य संवर्धन, पैकेजिंग और विपणन की तकनीक सीखने के लिए जगदलपुर, बस्तर गईं। यह पहल महुआ को एक मूल्यवान कृषि संसाधन के रूप में स्थापित करने और महिलाओं के आय स्रोतों में विविधता लाने के उद्देश्य से है। महुआ से बने उन्नत उत्पादों की मांग बढ़ने से स्थानीय उद्योगों को नई आय के अवसर मिलेंगे। इससे ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण और क्षेत्रीय रोजगार सृजन में योगदान की उम्मीद है।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।