खेल

सिगरा पूल में फिसल रहे स्टार्टिंग ब्लॉक, रही चोटें:2000 दर्शकों की जगह सिर्फ 150 सीटें, नेशनल आयोजन में आएगी दिक्कत

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 2 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
सिगरा पूल में फिसल रहे स्टार्टिंग ब्लॉक, रही चोटें:2000 दर्शकों की जगह सिर्फ 150 सीटें, नेशनल आयोजन में आएगी दिक्कत

सिगरा स्तिथ डॉ संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडिय के 50 मीटर ओलंपिक स्विमिंग पूल में खिलाड़ियों के लिए लगाए गए स्टार्टिंग ब्लॉक पर स्टार्ट लेत समय खिलाड़ियों के पैर फिसल रहे है।

राज्यस्तरीय तैराकी प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे खिलाड़ियों के मुताबिक इससे स्टार्ट लेते समय चोट लग रही है। 50 मीटर की स्पर्धा में एक सेकंड का अंतर भी पदक का फैसला कर सकता है, ऐसे में ब्लॉक फिसलने से खिलाड़ी प्रतियोगिता हार भी सकते हैं। वहीं, पूल में दर्शकों के बैठने की व्यवस्था भी दावे के मुकाबले काफी कम है।

यूपी स्विमिंग एसोसिएशन के डायरेक्टर रविंद्र कपूर ने बताया कि अगर इस पूल में स्टार्टिंग ब्लाक और दर्शकों के बैठने की समस्या को हल कर लिया जाए तो यहां नेशनल इवेंट कराये जा सकते है।

ब्लॉक पर पैर फिसला, स्टार्ट लेते समय लगी चोट कानपुर मंडल से राज्यस्तरीय प्रतियोगिता खेलने आए ऋषिकांत श्रीवास्तव ने बताया कि उनका इवेंट 50 मीटर फ्री स्टाइल था। इसी ब्लॉक से स्टार्ट लेते समय उनका पैर फिसल गया और उन्हें चोट भी लगी। उनका कहना है कि स्टार्ट लेने में ही परेशानी हो रही है।

एक सेकंड भी अहम, स्लिप होने से पीछे रह जाता है खिलाड़ी वाराणसी के तैराक कृष्णानंद निषाद ने बताया कि वह चुनार, मिर्जापुर से हैं और यूपी का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि यहां ब्लॉक स्लिप कर रहे हैं। इससे बच्चों को चोट भी लग रही है और स्टार्ट में परेशानी हो रही है।

बाकी पूल अच्छा है, लेकिन स्टार्टिंग ब्लॉक की समस्या है। उनके मुताबिक 50 मीटर की स्पर्धा में एक सेकंड भी बहुत बड़ी बात होती है। खिलाड़ी माइक्रो-पॉइंट से भी पीछे रह सकता है। ऐसे में स्टार्ट के समय पैर फिसलने से नुकसान हो जाता है।

इसलिए ब्लॉक को बदला जाना चाहिए। 2003 में बना था पूल, 2024 में हुआ नवीनीकरण सिगरा स्टेडियम में पहले से 50 मीटर का स्विमिंग पूल था, जो 2003 में बनाया गया था। उस समय इसमें डाइविंग बोर्ड की भी सुविधा थी। इसके बाद स्मार्ट सिटी प्रोग्राम के तहत स्टेडियम का नवीनीकरण किया गया।

नवीनीकरण के पहले चरण में फरवरी 2024 में नया पूल तैयार कर सौंपा गया। वर्तमान पूल में 50 मीटर ओलंपिक स्विमिंग पूल और एक वॉर्म-अप पूल है। नए पूल में पानी की गुणवत्ता, सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाएं बेहतर बताई जा रही हैं।

पुराने स्टार्टिंग ब्लॉक ही इस्तेमाल हो रहे यूपी स्विमिंग एसोसिएशन के डायरेक्टर रविंद्र कपूर ने बताया कि सिगरा का पूल यूपी के बेहतर पूलों में है। पानी साफ है, पूल स्पेशियस है और साफ-सफाई की अच्छी व्यवस्था है। वॉशरूम भी अच्छे हैं। उन्होंने बताया कि पूल में लगे स्टार्टिंग ब्लॉक पुराने हैं।

नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर इस्तेमाल होने वाले नए ब्लॉक्स में पीछे से सपोर्ट मिलता है, जिससे खिलाड़ियों को स्टार्ट लेने में सुविधा होती है। सिगरा में पुराने ब्लॉक चल रहे हैं, जिन्हें बदलना जरूरी है। नेशनल इवेंट कराने के लिए ये स्टार्टिंग ब्लॉक सही नहीं हैं।

आगे वाराणसी में नेशनल लेवल की प्रतियोगिता कराने की योजना है, इसलिए इसमें सुधार जरूरी है।- रविंद्र कपूर, डायरेक्टर, यूपी स्विमिंग एसोसिएशन 2000 दर्शकों का दावा, अभी सिर्फ 150 सीटें पूल तैयार होने के समय इसमें करीब 2000 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था का दावा किया गया था। लेकिन वर्तमान में यहां केवल 150 सीटें ही उपलब्ध हैं।

रविंद्र कपूर के मुताबिक बड़ी प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों के साथ कोच, मैनेजर और अभिभावक भी आते हैं। ऐसे में पर्याप्त सीटिंग व्यवस्था नहीं होने से आयोजन के दौरान परेशानी हो सकती है। उन्होंने बताया कि सामने सिर्फ एक गैलरी में बैठने की व्यवस्था है। ऊपर की ओर पर्याप्त सीटिंग स्पेस नहीं है।

बड़ी प्रतियोगिता के दौरान कोच और मैनेजर के लिए भी बैठने की व्यवस्था जरूरी होगी। रेलिंग की मजबूती भी जांचने की जरूरत रविंद्र कपूर ने पूल के आसपास लगी रेलिंग को लेकर भी सावधानी बरतने की जरूरत बताई। उनके अनुसार, अगर बच्चे रेलिंग पर लटकते हैं या वहां खड़े होकर प्रतियोगिता देखते हैं तो इसकी मजबूती सुनिश्चित करना जरूरी है।

नेशनल प्रतियोगिता से पहले फेडरेशन की ओर से पूल का निरीक्षण होता है। ऐसे में इन व्यवस्थाओं को पहले से दुरुस्त करना जरूरी होगा। नेशनल आयोजन के लिए कमियां दूर करना जरूरी रविंद्र कपूर के मुताबिक सिगरा का पूल कई मायनों में बेहतर है, लेकिन स्टार्टिंग ब्लॉक, दर्शकों की सीटिंग और कुछ दूसरी व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत है।

यदि इन छोटी-छोटी कमियों को दूर कर लिया जाता है तो वाराणसी में आगे नेशनल स्तर की प्रतियोगिताएं कराई जा सकती हैं।

📡 स्रोत: NewsData.io

📰 पूरी खबर पढ़ें (NewsData.io पर जाएं)
J
JKS News Desk

वॉयस ऑफ क्रांति की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।