सिगरेट नहीं दी तो मार डाला, चेन्नई में 4 नशेड़ियों ने की मजदूर की हत्या
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तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के पास नोलांबुर इलाके में शनिवार (5 सितंबर, 2026) की रात मामूली विवाद के बाद चार लोगों के एक गिरोह ने 62 वर्षीय प्रवासी मजदूर की पीट-पीटकर हत्या कर दी.
मृतक की पहचान पश्चिम बंगाल के रहने वाले एन. अभिजीत मंडल के रूप में हुई है.
पुलिस के मुताबिक, मृतक अभिजीत मंडल नोलांबुर के गजलक्ष्मी नगर में एक निर्माणाधीन साइट पर काम कर रहे थे.
शनिवार की रात करीब 10:15 बजे उसी इलाके के चार युवक, जो कथित तौर पर नशे में धूत थे, उनके पास पहुंचे और सिगरेट मांगी. मंडल ने सिगरेट देने से इनकार किया, तो दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई.
आरोप है कि इसके बाद युवकों ने जमीन पर पड़ा एक डंडा उठाया और मंडल पर हमला कर दिया.
नशेड़ियों के हमले में 62 वर्षीय अभिजीत मंडल के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं.
मामले की जांच में जुटी पुलिस
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घायल प्रवासी मजदूर अभिजीत मंडल को सरकारी किलपॉक मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, लेकिन रविवार (6 सितंबर, 2026) की सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
मामले में नोलांबुर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वी. वसीगरन, आर. अजय, एस. गोकुल राज और आर. सबरी के रूप में हुई है.
इन चारों आरोपियों में से तीन वसीगरन, अजय और गोकुल राज की उम्र 18 वर्ष बताई जा रही है. फिलहाल, पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है.
घटना का वीडियो आया सामने
घटना के सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे नशे में धूत चारों लड़के बुजुर्ग मजदूर पर लात-घूसों, डंडा और पटरे से हमला किया.
यहां तक की ए
📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर दक्षिण भारत के चेन्नई के नोलांबुर क्षेत्र में एक 62 वर्षीय पश्चिम बंगाल के प्रवासी मजदूर की हत्या से संबंधित है, जिसमें चार नशेड़ियों ने विवाद के बाद उसे पीटकर मार डाला। यह घटना श्रमिक सुरक्षा और नशीली दवाओं के दुरुपयोग के गंभीर प्रभाव को उजागर करती है, जिससे स्थानीय निर्माण उद्योग की कार्यस्थल सुरक्षा पर प्रश्न उठते हैं। इसके अलावा, यह दर्शाता है कि अनियंत्रित शराब सेवन और हिंसा का संयोजन कैसे मजदूरों के जीवन को खतरे में डाल सकता है। जनता के लिए यह एक चेतावनी है कि श्रम स्थल पर सुरक्षा न
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
इस दुखद घटना से हमें यह सिखने को मिलता है कि छोटी-छोटी झड़पों को भी शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना चाहिए। विवादों में गुस्सा और हिंसा के बजाय संवाद, मध्यस्थता और कानूनी मार्ग अपनाना ज़रूरी है। समाज में सहानुभूति और सम्मान की संस्कृति को बढ़ावा देकर हम ऐसे अपराधों को रोक सकते हैं। हर मानव जीवन की क़द्र करें, ताकि ऐसी त्रासदियाँ कभी न हों।