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सीहोर- बुधनी के लकड़ी के खिलौने बने ‘वोकल फॉर लोकल’ की मिसाल

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
सीहोर-  बुधनी के लकड़ी के खिलौने बने ‘वोकल फॉर लोकल’ की मिसाल

सेवा संकल्प अभियान के तहत बुधनी के पारंपरिक लकड़ी के खिलौना उद्योग को ‘वोकल फॉर लोकल’ की मिसाल बताया गया है। करीब 100 से 200 वर्ष पुरानी इस कला को विश्वकर्मा समुदाय की कई पीढ़ियां आगे बढ़ा रही हैं। दूधी की लकड़ी से बने ये पर्यावरण-अनुकूल खिलौने देश-विदेश में अपनी पहचान बना रहे हैं और अब उपहार, सजावट के साथ निर्यात बाजार तक पहुंच रहे हैं।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।