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सीहोर : लंबित संबल आवेदनों के निराकरण में लापरवाही पर कलेक्टर ने श्रम अधिकारी को लगाई फटकार

लेखक: DD Bhopal अंतिम अपडेट: 31 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
सीहोर : लंबित संबल आवेदनों के निराकरण में लापरवाही पर कलेक्टर ने श्रम अधिकारी को लगाई फटकार

लंबित संबल आवेदनों के निराकरण में लापरवाही पर कलेक्टर ने श्रम अधिकारी को लगाई फटकार, जनपद सीईओ और सीएमओ को दी हिदायत जन विश्वास अभियान में शिविरों में ही करें आवेदनों का निराकरण - कलेक्टर अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों में संवेदनशीलता और तत्परता से कार्यवही करें - कलेक्टर

न्यायालयीन प्रकरणों में समय-सीमा का रखें ध्यान - कलेक्टर सीहोर : जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित टीएल बैठक के दौरान मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना की समीक्षा के दौरान लंबित आवेदनों का निराकरण नहीं होने पर कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने नाराजगी व्यक्त करते हुए श्रम अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई।

उन्होंने लंबित प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही बरतने पर श्रम अधिकारी को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने समीक्षा बैठक में जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया कि संबल योजना से संबंधित सभी लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करें।

कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने कहा कि संबल योजना के हितग्राही मुख्य रूप से श्रमिक वर्ग से जुड़े होते हैं, जिन्हें शासन की सहायता की बहुत आवश्यकता होती है। ऐसे में पात्र हितग्राहियों के आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना गंभीर लापरवाही है।

उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ समय पर मिले और किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी नियमित रूप से लंबित प्रकरणों की समीक्षा करें और निर्धारित समय-सीमा में उनका निराकरण सुनिश्चित करें।

कलेक्टर ने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए श्रमिक परिवारों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर कलेक्टर श्री बृजेश सक्सेना, संयुक्त कलेक्टर श्री रविन्द्र परमार, एसडीएम श्री तन्मय वर्मा, श्रीमती स्वाती मिश्रा, डिप्टी कलेक्टर श्री गिरिराज सिंह परिहार सहित सभी जिला अधिकारी उपस्थित थे। अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों में संवेदनशीलता बरतें

कलेक्टर ने अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति ऐसे परिवारों से जुड़े प्रकरण होते हैं, जिन्हें कठिन परिस्थितियों में आर्थिक एवं सामाजिक सहारे की आवश्यकता होती है।

इसलिए पात्र आवेदकों के प्रकरणों में अनावश्यक विलंब नहीं किया जाए। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को नियमों के अनुरूप यथासंभव जल्द से जल्द प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। न्यायालयीन प्रकरणों में समय-सीमा का रखें ध्यान

कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागों से जुड़े न्यायालयीन प्रकरणों में निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिन प्रकरणों में न्यायालय द्वारा आदेश जारी किए गए हैं, उनमें आदेशों का समय पर पालन कराया जाए।

अधिकारी न्यायालयीन मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों के निराकरण में गंभीरता बरतें। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेशों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी, जिससे अवमानना की स्थिति उत्पन्न हो। जन विश्वास अभियान में शिविरों में ही करें आवेदनों का निराकरण

मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत कलेक्टर ने अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर शिविरों में ग्रामवासियों की समस्याएं एवं आवेदन प्राप्त करने तथा अधिक से अधिक प्रकरणों का शिविर में ही निराकरण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य तभी सार्थक होगा, जब आमजन को मौके पर ही त्वरित समाधान और शासन की सेवाओं का लाभ मिल सके। फार्मर रजिस्ट्री कार्य में तेजी लाने के निर्देश कलेक्टर ने सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को निर्देश दिए कि पटवारियों द्वारा की जा रही फार्मर रजिस्ट्रेशन कार्य की नियमित समीक्षा करें।

सभी पटवारियों के लिए लक्ष्य निर्धारित कर शीघ्र सभी पात्र किसानों की फार्मर आईडी बनाई जाए, ताकि उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष कैंप लगाये जायें। निर्माण कार्यों की वन विभाग से अनुमति जल्द लें

कलेक्टर ने सभी निर्माण विभागों को निर्देशित किया कि वन क्षेत्रों में होने वाले निर्माण कार्यों के लिए संबंधित वन अधिकारियों से समन्वय कर आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करें। उन्होंने कहा कि अनुमति के लिए प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित न रहें और विभाग आपसी समन्वय से कार्यवाही करें।

इससे निर्माण कार्य समय पर प्रारंभ किए जा सकेंगे और विकास कार्यों को गति मिलेगी।

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DD Bhopal

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