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'सीक्वल बनेगा', 21 साल की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने 'हनुमान अंश' पर लगा दी पूरी सेविंग

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 7 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
'सीक्वल बनेगा',  21 साल की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने 'हनुमान अंश' पर लगा दी पूरी सेविंग

फिल्म हनुमान अंश दर्शकों का दिल जीत रही है. हर कोई इस फिल्म की जमकर तारीफ कर रहा है. इस फिल्म की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर हैं, जो महज 21 साल की हैं.

अनुप्रिया नागर ने अपनी पहली फिल्म 'हनुमान अंश' में अपनी तीन साल की कमाई और बचाए हुए पैसे लगा दिए.

यूनिवर्सिटी ऑफ बाथ से इकोनॉमिक्स की पढ़ाई करने वाली अनुप्रिया को ज्यूरिख में नौकरी भी मिल गई थी, लेकिन 2025 में वो भारत लौट आईं और बाद में फिल्म से को-प्रोड्यूसर के तौर पर जुड़ गईं.

अब उन्होंने फिल्म बनाने को लेकर और इसके सीक्वल पर बात की है.

अनुप्रिया नागर का खुलासा

हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में अनुप्रिया नागर ने कहा, 'मुझे लगता है कि उम्र बस एक नंबर है.

मेरा पूरा ध्यान महाराज जी (नीम करौली बाबा) की कहानियों को जेन जी तक पहुंचाने पर था. हमें ऐसी चीजो के बारे में विदेशियों से पता चलता है.

मुझे भी उनके बारे में एक विदेशी से ही पता चला था और भारत का युवा होने के नाते, मुझे इस बात की शर्मिंदगी महसूस हुई कि मुझे उनकी कहानी के जरिए उनके बारे में पता नहीं चल रहा था.'

पार्ट-टाइम जॉब की कमाई का पैसा फिल्म में लगाया

अनुप्रिया नागर के लिए 'हनुमान अंश' को सपोर्ट करने का मकसद कभी भी पैसे कमाना नहीं था.

उन्होंने कहा, 'ये एक ऐसा रिस्क था जो मैं उठाना चाहती थी. मैंने ये पैसा UK में पढ़ाई के दौरान पार्ट-टाइम जॉब करके कमाया था.

जब मेरी जिंदगी के एक बहुत अच्छे मोड़ पर महाराज जी से मुलाकात हुई, तो मैं बस इस प्रोजेक्ट से जुड़ना चाहती थी.

मुझे नहीं पता था कि मैं क्या योगदान दे सकती हूं क्योंकि मैंने पहले कभी फिल्ममेकिंग नहीं की थी, लेकिन मैं इसमें अपना सब कुछ लगाने को तैयार थी.

उस समय प्रोजेक्ट को कुछ इन्वेस्टमेंट की जरूरत थी, इसलिए मैंने कहा कि मेरे पास जो कुछ भी है, मैं वो देने के लिए तैयार हूं.'

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📡 स्रोत: ABP Live Film

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

21‑साल की युवा प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने अपनी फिल्म "हनुमान अंश" के लिए अपनी तीन‑साल की कमाई और बचत पूरी तरह निवेश कर दी, जिससे फिल्म ने दर्शकों का दिल जीत लिया। यह विषय युवाओं के लिए प्रेरणादायक है क्योंकि यह दिखाता है कि कम उम्र में भी बड़े प्रोजेक्ट्स पर भरोसा और जोखिम उठाया जा सकता है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाती है कि भारतीय फिल्म उद्योग में युवा उद्यमियों की भूमिका बढ़ रही है और पारंपरिक वित्तीय मॉडलों को चुनौती दे रही है। इसका आम जनता पर असर यह हो सकता है कि युवा लोग अपनी क्षम

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