सीलिंग कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों का धरना, मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
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भोपाल। नगर निगम द्वारा की जा रही सीलिंग कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को व्यापारियों ने धरना-प्रदर्शन कर कार्रवाई रोकने की मांग की। प्रदर्शन के बाद व्यापारियों की ओर से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया। व्यापारियों का कहना है कि लंबे समय से कारोबार कर रहे दुकानदारों को कार्रवाई के कारण रोजगार खोने का खतरा है।
भोपाल चेम्बर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष गोविंद गोयल तथा व्यापारी संघ के अध्यक्ष आनंद सोनी ने कहा कि सरकार और प्रशासन को व्यापारियों के साथ बातचीत कर बीच का रास्ता निकालना चाहिए, जिससे व्यापारियों को राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि व्यापारी करीब 50 वर्षों से नगर निगम को कमर्शियल टैक्स, लाइसेंस फीस, गुमास्ता सहित विभिन्न प्रकार के करों का भुगतान करते आ रहे हैं। इसके बावजूद आज उनके रोजगार पर संकट खड़ा हो गया है।
व्यापारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा लोन और प्रधानमंत्री रोजगार योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिले हैं, लेकिन सीलिंग कार्रवाई के कारण कई युवा फिर बेरोजगारी की ओर जा सकते हैं। व्यापारियों ने सरकार से सीलिंग कार्रवाई पर रोक लगाने और मामले का स्थायी समाधान निकालने की मांग की।
केसरवानी वैश्य समाज के अध्यक्ष अनिल गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट और सरकार से पुनर्विचार की अपील करते हुए कहा कि लाखों युवा और व्यापारियों को बेरोजगार होने से बचाने के लिए मानवीय दृष्टिकोण से समाधान निकाला जाना चाहिए।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
भोपाल नगर निगम द्वारा सड़क सीलिंग कार्य के दौरान व्यापारियों ने धरना दिया, जिससे व्यापारिक गतिविधियाँ बाधित हुईं। यह विषय नगर निर्माण और व्यापार हितों के टकराव को दर्शाता है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि सीलिंग कार्य से दुकानदारों के रोज़गार पर खतरा मंडरा रहा है, और व्यापारियों का मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपना राजनीतिक दबाव बढ़ा रहा है। आम जनता पर इसका असर दोहरा है: एक ओर सड़कें सुगम होने से यातायात में सुधार होगा, पर दूसरी ओर दुकानदारों की आय घटने से स्थानीय अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकत