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सिरमौर जिले की दवा इकाई के खिलाफ डीसीए ने की कड़ी नियामक कार्रवाई

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
सिरमौर जिले की दवा इकाई के खिलाफ डीसीए ने की कड़ी नियामक कार्रवाई

अगस्त 09, सिरमौर (हिमाचल प्रदेश): स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के ड्रग्स कंट्रोल प्रशासन (डीसीए) ने जिला सिरमौर के कालाअंब स्थित फार्मास्युटिकल इकाई मैसर्स वेलक्योर रेमेडीज के खिलाफ कड़ी नियामक कार्रवाई की है। यह कार्रवाई राज्य और केंद्र के अधिकारियों द्वारा संयुक्त निरीक्षण के दौरान गंभीर और लगातार बनी हुई कमियां पाए जाने के बाद की गई है।

स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि केंद्र और राज्य के अधिकारियों द्वारा संयुक्त अनुपालन सत्यापन किया गया, जिसके दौरान कुछ कमियां अभी भी जारी पाई गईं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और नियमों के उल्लंघन के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि गंभीर गैर-अनुपालन के मामलों में कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि सुरक्षित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा हो।

स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि संबंधित फर्म ने निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने के लिए समय मांगा था। हालांकि, मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फर्म को संतोषजनक अनुपालन सुनिश्चित होने और नियामक अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से उसका सत्यापन किए जाने तक उत्पादन शुरू न करने के आदेश दिए गए हैं।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

सिरमौर जिले के कालाअंब में स्थित फार्मास्युटिकल इकाई मैसर्स वेलक्योर रेमेडीज पर ड्रग्स कंट्रोल प्रशासन (डीसीए) ने कड़ी नियामक कार्रवाई की है। यह कदम राज्य और केंद्र के अधिकारियों के संयुक्त निरीक्षण में पाई गई गंभीर और लगातार कमियों के बाद उठाया गया। इस खबर का महत्व इसलिए है क्योंकि दवा उद्योग में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन नागरिक स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य है। यदि दवाओं में दोष या नकली घटक पाए जाते हैं तो रोगियों को गलत उपचार मिल सकता है, जिससे स्वास्थ्य जोखिम बढ़ते हैं। जनता को यह जानका

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।