सिर्फ टैलेंट नहीं ये 5 खूबी देखते हैं गौतम गंभीर! इन प्लेयर्स को बार-बार देते हैं मौका, सामने आया ‘फेवरेट’ फॉर्मूला

Gautam Gambhir Favourite Formula: भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं. गंभीर पर अक्सर अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को टीम में शामिल करने का आरोप लगाया जाता है. खासकर हर्षित राणा और वाशिंग्टन सुंदर को बार-बार टीम में शामिल किए जाने पर गंभीर पर सवाल खड़े किए जाते हैं.
हालांकि किसी को पता नहीं कि इसमें कितनी सच्चाई है, लेकिन यह कहा जा सकता है कि गंभीर सिर्फ टैलेंट ही नहीं, बल्कि अन्य खूबियों के आधार पर खिलाड़ियों को चुनते हैं.
गौतम गंभीर सिर्फ आंकड़ों पर विश्वास नहीं रखते, बल्कि ऐसे खिलाड़ी को टीम में लाते हैं, जो मुश्किल परिस्थितियों में खेल का रुख बदल सके. आंकड़ों से ज्यादा एटीट्यूड जरूरी!
हेड कोच गौतम गंभीर का मानना है कि टी20 फॉर्मेट में सिर्फ खिलाड़ियों का एवरेज ही मायने नहीं रखता है. एवरेज के अलावा स्ट्राइक रेट और दबाव में खेलने का जज्बा होना चाहिए. उन्हें आक्रामक खिलाड़ी पसंद हैं, जो टी20 क्रिकेट में तेज-तर्रार पारियां खेल सकते हैं.
IPL और डोमेस्टिक में प्रदर्शन गौतम गंभीर का कहना है कि भारतीय टी20 इंटरनेशनल टीम में खिलाड़ियों को सिलेक्शन IPL में प्रदर्शन के आधार पर होना चाहिए. वहीं, वनडे टीम का सिलेक्शन विजय हजारे टूर्नामेंट के आधार किया जाना चाहिए. वहीं, टेस्ट टीम का सिलेक्शन फर्स्ट क्लास क्रिकेट के आधार पर होना चाहिए.
यही वजह है कि गौतम गंभीर IPL में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को टी20 टीम में चुनते हैं. इसके अलावा हाल ही में उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अच्छा कर कुछ खिलाड़ियों को टेस्ट टीम में मौका दिया है, जिसमें सारांश जैन और सरफराज जैसे खिलाड़ी शामिल हैं.
टीम के लिए खेलने वाले खिलाड़ी गौतम गंभीर को उस माइंडसेट के खिलाड़ी काफी पसंद हैं, जो खुद के माइलस्टोन को नहीं, बल्कि टीम को आगे रखते हैं. उन्होंने कई बार कहा कि सभी खिलाड़ियों को पर्सनल माइलस्टोन को साइड रखकर टीम की जीत के लिए खेलना चाहिए. वह खुद भी अपने करियर में इसी तरह खेलते थे.
ऑलराउडंर्स को बढ़ावा गौतम गंभीर चाहते हैं कि उनकी टीम में ज्यादातर ऑलराउंडर्स होने चाहिए, जो गेंद और बल्ले दोनों से अपना योगदान दे सकें. उनका मानना है कि टीम के हर खिलाड़ी को थोड़ी बल्लेबाजी भी आनी चाहिए, जो खासकर तौर पर टेस्ट क्रिकेट में काफी मददगार होती है.
यही वजह है शिवम दुबे, हर्षित राणा और वाशिंग्टन सुंदर जैसे खिलाड़ियों को गौतम गंभीर हमेशा बैक करते हैं. ट्रोलिंग और PR से दूरी गौतम गंभीर ने हाल ही में एक बयान में कहा कि उन्हें सिर्फ ट्रॉफी जीतने से मतलब, न कि व्यूज और लाइक्स बटोरने से.
इससे साफ होता है कि गंभीर को अक्सर वे खिलाड़ी पसंद आते हैं, जो बाहरी ट्रोलिंग को नजरअंदाज करके अपने खेल पर ध्यान देते हैं. वो बाहरी हाइप या ब्रांड वैल्यू को देखकर किसी खिलाड़ी को टीम में नहीं चुनते हैं, बल्कि टीम की जरूरत के अनुसार सिलेक्शन करते हैं.
📡 स्रोत: NewsData.io