राज्य

सीसीएस एनआईएएम के एग्री-बिजनेस मैनेजमेंट कार्यक्रम के 25 साल पूरे

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
सीसीएस एनआईएएम के एग्री-बिजनेस मैनेजमेंट कार्यक्रम के 25 साल पूरे

जयपुर में सीसीएस एनआईएएम के पीजीडीएम एबीएम कार्यक्रम के 25 वर्ष पूरे होने पर भव्य एलुमनाई मीट आयोजित हुई। देशभर से 1100 से अधिक पूर्व विद्यार्थी, संकाय सदस्य और उद्योग जगत के प्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल हुए।

जयपुर, 26 सितंबर। चौधरी चरण सिंह राष्ट्रीय कृषि विपणन संस्थान (सीसीएस एनआईएएम) के प्रमुख पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट-एग्री बिजनेस मैनेजमेंट (PGDM-ABM) कार्यक्रम के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शनिवार को संस्थान परिसर में भव्य एलुमनाई मीट का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में देशभर से संस्थान के 1100 से अधिक पूर्व विद्यार्थी, संकाय सदस्य, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और अन्य हितधारक शामिल हुए। इस अवसर पर पीजीडीएम-एबीएम कार्यक्रम की 25 वर्षों की यात्रा और बदलते भारतीय कृषि-व्यवसाय क्षेत्र में इसके योगदान को रेखांकित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नाबार्ड के अध्यक्ष डॉ. शाजी कृष्णन वी. रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीसीएस एनआईएएम के महानिदेशक अनूप खिंची ने की। उन्होंने कहा कि पीजीडीएम-एबीएम कार्यक्रम का 25 वर्ष पूरा करना संस्थान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि संस्थान ने पीजीडीएम-एबीएम कार्यक्रम के माध्यम से कृषि-व्यवसाय क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित और कुशल पेशेवर तैयार किए हैं। कार्यक्रम ने अपना 100 प्रतिशत प्लेसमेंट रिकॉर्ड भी बनाए रखा है, जो कृषि-व्यवसाय क्षेत्र में प्रशिक्षित पेशेवरों की मांग को दर्शाता है।

रजत जयंती के अवसर पर कार्यक्रम के विशेष सिल्वर जुबली लोगो का अनावरण किया गया। साथ ही एक विशेष स्मारिका का विमोचन भी किया गया।

एलुमनाई मीट के माध्यम से पूर्व छात्रों को संस्थान, संकाय सदस्यों और अपने पुराने सहपाठियों के साथ दोबारा जुड़ने का अवसर मिला। कार्यक्रम में पूर्व छात्रों ने संस्थान से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और कृषि-व्यवसाय क्षेत्र में बदलते अवसरों तथा भविष्य की संभावनाओं पर भी चर्चा की।

बाइट— हेमा यादव, निदेशक, सीसीएम नियाम

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।