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सीता फॉल की खूबसूरती पर फिदा सैलानी, रील्स और शॉर्ट्स के लिए बना पसंदीदा ठिकाना

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 27 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
सीता फॉल की खूबसूरती पर फिदा सैलानी, रील्स और शॉर्ट्स के लिए बना पसंदीदा ठिकाना

सीता फॉल की खूबसूरती पर फिदा सैलानी, दर्द पर भारी पड़ रही झरने की खूबसूरती, बंगाल से नेपाल तक सीता फॉल का आकर्षण, रील्स और शॉर्ट्स के लिए पसंदीदा ठिकाना।

Short Headline: सीता फॉल की खूबसूरती पर फिदा सैलानी, रील्स और शॉर्ट्स के लिए बना पसंदीदा ठिकाना

सीता फॉल, रांची, डीडी

सीता फॉल की खूबसूरती पर फिदा सैलानी दर्द पर भारी पड़ रही झरने की खूबसूरती

बंगाल से नेपाल तक सीता फॉल का आकर्षण रील्स और शॉर्ट्स के लिए पसंदीदा ठिकाना

एंकर रांची से 45 किलोमीटर दूर सीता फॉल में जब पहाड़ों से गिरता पानी, जंगल की हरियाली और ठंडी हवाएं एक साथ मिलती हैं, तो इस नजारे को देख नजरें ठहर जाती हैं। आइए आपको ले चलते हैं सीता फॉल जहां झारखंड ही नहीं, बल्कि बंगाल और नेपाल तक से पर्यटक खिंचे चले आ रहे हैं।

होल्ड अप साउंड रिपोर्ट

वीओ 01. सीता फॉल की खूबसूरती का दीदार करना है, तो थोड़ा पैदल चलना होगा... सीढ़ियां उतरनी होंगी और वापस लौटते वक्त इन्हीं सीढ़ियों को चढ़ना भी होगा। उम्रदराज पर्यटकों के लिए ये रास्ता आसान नहीं... पैरों में दर्द भी होता है और सांस भी फूलती है। लेकिन जैसे ही सामने झरने की सफेद धाराएं और चारों ओर फैली हरियाली दिखाई देती है... सारी थकान जैसे पीछे छूट जाती है।

बाइट- बंगाल से आईं बुजुर्ग पर्यटक (1,2)

वीओ 02. सीता फॉल की खूबसूरती का असर सिर्फ बुजुर्गों पर नहीं... युवा भी यहां की फिजाओं के कायल हैं। बंगाल से आए युवाओं के लिए झारखंड का ये सफर किसी खूबसूरत तस्वीर से कम नहीं। पहाड़... घने जंगल... झरने और चारों तरफ बिखरी हरियाली- प्रकृति का ऐसा कॉम्बिनेशन, जो मोबाइल कैमरे से ज्यादा आंखों में कैद होने का मन करता है।

बाइट- बंगाल से आए युवा पर्यटक (3,4,5)

वीओ 03. और अब सीता फॉल की खूबसूरती कैमरे से निकलकर सोशल मीडिया की दुनिया में भी पहुंच रही है। नेपाल से आईं युवतियों को यहां का हर कोना रील और शॉर्ट वीडियो के लिए परफेक्ट लग रहा है। झरने का बैकग्राउंड हो... पहाड़ों की हरियाली हो या पानी की आवाज- हर फ्रेम में नेचर का टच साफ नजर आता है।

बाइट- नेपाल से आई युवतियां (6,7)

अंतिम वीओ सीता फॉल की खासियत शायद यही है। किसी को यहां सुकून मिलता है... किसी को रोमांच... तो किसी को मिल जाता है सोशल मीडिया के लिए शानदार कंटेंट। लेकिन सीता फॉल से लौटते वक्त हर पर्यटक के पास एक खूबसूरत याद जरूर होती है।

रांची से सहयोगी सौरभ कुमार के साथ सूरज कुमार की रिपोर्ट।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।