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9 सितंबर से 8 अक्तूबर तक मनाया जाएगा राष्ट्रीय पोषण माह: राहुल कुमार

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
9 सितंबर से 8 अक्तूबर तक मनाया जाएगा राष्ट्रीय पोषण माह: राहुल कुमार

कहा: शिशुओं में पोषणयुक्त खान-पान की आदतें विकसित करने पर रहेगा जोर

अगस्त 08, बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश): उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि 9वां राष्ट्रीय पोषण माह 9 सितंबर से 8 अक्तूबर तक मनाया जाएगा। इस दौरान जिला बिलासपुर में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में पोषणयुक्त खान-पान की आदतें विकसित करने को प्राथमिकता दी जाएगी। उपायुक्त आज बचत भवन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित जिला स्तरीय अंतर-विभागीय समन्वय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

उपायुक्त ने पोषण माह के दौरान जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों तथा गांवों में एनीमिया जांच शिविर, डिजिटल ट्रैकिंग, पोषण रैलियों तथा पोषण वाटिकाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने पर विशेष बल देने तथा स्थानीय स्तर पर पारंपरिक व्यंजनों की प्रदर्शनियां आयोजित करने तथा ‘मेरी आंगनबाड़ी, मेरी जिम्मेदारी’ के तहत पारंपरिक एवं पौष्टिक आहार के प्रति जनसामान्य को जागरूक करने के भी निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में दिए जा रहे पोषाहार की गुणवत्ता तथा निर्धारित डाइट चार्ट की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को भी अभियान से जोड़ने पर बल दिया, ताकि पोषण संबंधी गतिविधियों में भविष्य में भी नियमितता बनी रहे। जिला बिलासपुर में वर्तमान में 1111 आंगनबाड़ी केंद्र कार्यरत हैं, जिनमें से लगभग 370 आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिकाएं स्थापित की गई हैं।

राहुल कुमार ने कहा कि बच्चों के मानसिक, बौद्धिक एवं शारीरिक विकास के लिए 6 माह की आयु के बाद शिशुओं को समय पर और उचित तरीके से पूरक आहार उपलब्ध करवाना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने बच्चों के भोजन में पर्याप्त पोषण तत्वों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने तथा अभिभावकों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व बारे जागरूक करने पर भी जोर दिया।

उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, पंचायत प्रतिनिधियों तथा सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से बच्चों को दिए जा रहे पूर्ण आहार की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बच्चों में मोबाइल इस्तेमाल की आदत न डालें अभिभावक, जागरूकता पर दिया जोर उपायुक्त ने पोषण अभियान के दौरान बच्चों में मोबाइल फोन के अत्यधिक इस्तेमाल से होने वाले शारीरिक एवं मानसिक दुष्प्रभावों के प्रति भी लोगों को जागरूक करने पर बल दिया।

उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से दूर रखने तथा उनकी दिनचर्या में खेलकूद एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों को शामिल करने का आह्वान किया। उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश में सरकार ने माताओं, बहनों तथा छोटे बच्चों को अधिक पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से ‘इंदिरा गांधी मातृ शिशु संकल्प योजना’ लागू करने का निर्णय लिया है।

योजना का पायलट चरण प्रदेश के विभिन्न जिलों के 21 आईसीडीएस ब्लॉक सहित बिलासपुर के घुमारवीं ब्लॉक में भी आगामी 2 अक्तूबर से शुरू किया जाएगा। योजना के माध्यम से वर्तमान में माताओं एवं बहनों तथा 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों को उपलब्ध करवाए जा रहे चावल, दाल, तेल, बिस्किट, पंजीरी और मिल्क पाउडर आदि पोषाहार में सुधार करते हुए अधिक पौष्टिक एवं पैकेज्ड प्रीमिक्स सामग्री उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जाएगी।

उन्होंने कहा कि योजना के तहत बच्चों की रुचि एवं आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए सप्ताह में तीन बार दूध अथवा अंडा उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जाएगी। 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए हॉट कुक्ड मील में भी आवश्यक सुधार करते हुए उसे अधिक पौष्टिक बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस अवसर पर उपायुक्त ने उपस्थित अधिकारियों को बाल विवाह मुक्त भारत की शपथ भी दिलाई।

बैठक में महिला एवं बाल विकास, आयुष, शिक्षा, पंचायती राज, जल शक्ति, कृषि तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभागों की पोषण अभियान में भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई तथा अभियान की गतिविधियों की रूपरेखा तैयार की गई। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त रूपिंदर कौर, जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।