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सितंबर में बेरोजगारी दर में गिरावट, श्रम बल भागीदारी में वृद्धि

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 16 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
सितंबर में बेरोजगारी दर में गिरावट, श्रम बल भागीदारी में वृद्धि

सितंबर में भारत में कुल श्रम बल भागीदारी और श्रमिक जनसंख्या अनुपात में पिछले साल के मुकाबले वृद्धि दर्ज की गई, जबकि बेरोजगारी दर घटकर पांच प्रतिशत रह गई। यह रोजगार संकेतकों में सुधार को दर्शाता है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में श्रम बल भागीदारी और रोजगार की स्थिति में सुधार हुआ है, जबकि शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी में मासिक आधार पर उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई।

कुल श्रम बल भागीदारी दर बढ़कर 55.5 प्रतिशत हो गई, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक मजबूत वृद्धि दर्ज की गई, जबकि शहरी क्षेत्रों में पिछले साल के मुकाबले मामूली गिरावट आई। महिलाओं की भागीदारी में पिछले साल की तुलना में सुधार हुआ है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में, वहीं शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी अक्टूबर 2025 के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।

कुल श्रमिक जनसंख्या अनुपात पिछले साल के मुकाबले बढ़कर 52.7 प्रतिशत हो गया। शहरी क्षेत्रों में यह अनुपात अक्टूबर 2025 के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जिसमें पुरुषों और महिलाओं दोनों की स्थिति में सुधार देखा गया।

कुल बेरोजगारी दर पिछले साल सितंबर की तुलना में 0 दशमलव 2 प्रतिशत अंक घटकर पांच प्रतिशत रह गई। ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर गिरकर 4.2 प्रतिशत हो गई, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 6.8 प्रतिशत पर लगभग स्थिर रही।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।