सीतापुर में आर्य समाज का अधिवेशन:वक्ता बोले- घर-घर में हो दैनिक हवन और संध्या
सीतापुर में महर्षि दयानंद सरस्वती के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और समाज सुधार के उद्देश्य से 'जिला आर्य अधिवेशन' का भव्य आयोजन किया गया। ग्रीक गंज स्थित जश्न रेस्टोरेंट में जिला आर्य प्रतिनिधि सभा के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में आर्य बंधुओं का भारी उत्साह देखने को मिला।
उत्साह ऐसा कि छोटी पड़ गई जगह इस अधिवेशन में आर्य समाज के प्रति लोगों की गहरी आस्था और संगठनात्मक जागृति स्पष्ट नजर आई। सीतापुर जनपद की विभिन्न आर्य समाज संस्थाओं से लगभग 120 प्रतिनिधियों ने इस कार्यक्रम में सहभागिता की।
भीड़ इतनी अधिक थी कि आयोजन स्थल पर जगह सीमित पड़ गई और करीब 50 लोगों को कार्यक्रम कक्ष के बाहर ही रहना पड़ा। आर्य समाज सिर्फ धार्मिक संस्था नहीं, समाज सुधार का आंदोलन है अधिवेशन में मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश आर्य प्रतिनिधि सभा (लखनऊ) के वरिष्ठ उप प्रधान पंकज आर्य उपस्थित रहे।
अपने ओजस्वी और प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि आर्य समाज को केवल एक धार्मिक संस्था तक सीमित नहीं समझना चाहिए, बल्कि यह मनुष्य निर्माण और समाज सुधार का एक महान आंदोलन है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सक्रिय होकर संगठन को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।
साथ ही जोर देकर कहा कि प्रत्येक आर्य परिवार को अपने घर में नियमित रूप से 'संध्या एवं हवन' की वैदिक परंपरा को अपनाना चाहिए। इनकी रही प्रमुख उपस्थिति कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान भंवर सिंह ने की। प्रारंभ में मंचासीन अतिथियों का माल्यार्पण कर जोरदार स्वागत किया गया।
इस अवसर पर संरक्षक रामलखन मिश्र, उप प्रधान यतीन्द्र कुमार आर्य व अविनाश मिश्र, मंत्री नरेश चन्द आर्य, उपमंत्री ओमकार नाथ आर्य, आयुष कुमार आर्य, सोमू गुप्ता और योगेन्द्र कुमार आर्य सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। लखनऊ से स्वामी नरेंद्र देव, वेद प्रचार अधिष्ठाता डॉ. हरि सिंह और सत्यपाल ने भी विशेष उपस्थिति दर्ज कराई।
अधिवेशन में सीतापुर के कुतुबनगर, बड़ागांव, हरगांव, चमखर, खैरेपारा, सेमरहन-पड़रखा और रामनगर के अलावा लखीमपुर व शाहजहांपुर से भी दुर्गेश आर्या, मधु आर्या, यज्ञदत्त आर्य सहित अनेक आर्य बंधु शामिल हुए।
📡 स्रोत: NewsData.io