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स्कूली वाहनों की मनमानी पर ट्रैफिक पुलिस का शिकंजा:दो दिन में 124 बसों-वाहनों की जांच, कागजात, फायर सिलिंडर और इमरजेंसी एग्जिट को परखा

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 4 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
स्कूली वाहनों की मनमानी पर ट्रैफिक पुलिस का शिकंजा:दो दिन में 124 बसों-वाहनों की जांच, कागजात, फायर सिलिंडर और इमरजेंसी एग्जिट को परखा

मेरठ में स्कूल बस और ई-रिक्शा में सफर करने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर ट्रैफिक पुलिस ने दो दिन तक विशेष अभियान चलाया।

गुरुवार को अभियान के समापन पर एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि कार्रवाई का मकसद स्कूल वाहनों के चालकों को परेशान करना नहीं, बल्कि स्कूल आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है। अभियान के दौरान विभिन्न स्कूलों में संचालित कुल 124 स्कूली बसों और अन्य वाहनों की चेकिंग की गई।

इस दौरान वाहनों में तैनात स्टाफ और सुरक्षा उपकरणों का भी सत्यापन किया गया।

ट्रैफिक पुलिस की टीमों ने केएल इंटरनेशनल स्कूल, दीवान पब्लिक स्कूल, गार्गी गर्ल्स स्कूल, एमआईईटी पब्लिक स्कूल, सेंट फ्रांसिस वर्ल्ड स्कूल, सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल और बालेराम ब्रजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर समेत विभिन्न स्कूलों के वाहनों को जांच के दायरे में लिया।

वाहनों की जांच उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली, 1998 और उत्तर प्रदेश मोटरयान (26वां संशोधन) नियमावली, 2014 में निर्धारित प्रावधानों एवं सुरक्षा मानकों के आधार पर की गई।

कागजों से लेकर सुरक्षा उपकरणों तक हुई पड़ताल चेकिंग के दौरान स्कूली वाहनों का वैध पंजीकरण और परमिट, फिटनेस प्रमाण-पत्र, बीमा और प्रदूषण प्रमाण-पत्र देखा गया। इसके साथ ही चालक का वैध ड्राइविंग लाइसेंस और निर्धारित अनुभव भी जांचा गया।

चालक और सहायक का पुलिस सत्यापन, निर्धारित वर्दी तथा वाहन पर स्कूल का नाम और हेल्पलाइन या संपर्क नंबर दर्ज होने की भी पड़ताल की गई। वाहनों की नंबर प्लेट सही है या नहीं, प्राथमिक उपचार पेटिका मौजूद है या नहीं, अग्निशमन यंत्र काम करने की स्थिति में है या नहीं और आपातकालीन निकास की व्यवस्था है या नहीं, इसे भी जांचा गया।

पुलिस टीमों ने अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता भी परखी। ओवरलोडिंग पर भी चेताया स्कूली वाहनों में निर्धारित सीट क्षमता से अधिक बच्चों को न बैठाने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने वाहन के दरवाजे सुरक्षित रखने और बच्चों के चढ़ने-उतरने के दौरान विशेष सावधानी बरतने के लिए चालक और सहायक को जागरूक किया।

बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी निर्धारित नियमों का पालन करने की हिदायत भी दी गई। नियम टूटे तो कार्रवाई होना तय एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार श्रीवास्तव ने स्कूल प्रशासन, वाहन स्वामियों और चालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्कूली वाहनों के संचालन में शासन द्वारा निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन कराया जाए।

उन्होंने कहा कि स्कूली वाहनों में किसी भी तरह की लापरवाही बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर मोटर वाहन अधिनियम और संबंधित नियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

📡 स्रोत: NewsData.io

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