स्कूलों से केवलादेव तक, बच्चों को प्रकृति संरक्षण से जोड़ रहा अभियान
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भरतपुर में ‘केवलादेव मित्र’ कार्यक्रम के जरिए बच्चों को आर्द्रभूमि और जैव विविधता संरक्षण से जोड़ा जा रहा है। फरवरी 2027 तक 25 स्कूलों को जोड़ने का लक्ष्य है, जबकि अब तक 7 स्कूलों के करीब 400 बच्चे अभियान से जुड़ चुके हैं।
भरतपुर, 26 सितंबर। बच्चों को प्रकृति, आर्द्रभूमि और जैव विविधता के संरक्षण से जोड़ने के उद्देश्य से केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान की ओर से ‘केवलादेव मित्र’ कार्यक्रम शुरू किया गया है। कार्यक्रम के पहले चरण में फरवरी 2027 तक भरतपुर के करीब 25 विद्यालयों को अभियान से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 7 विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं और करीब 400 बच्चों को केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान का भ्रमण कराया जा चुका है।
कार्यक्रम के तहत गुरुवार को स्कूली विद्यार्थियों को केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। बच्चों ने घना क्षेत्र में आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र, विभिन्न पक्षियों और वन्यजीवों को करीब से देखा। इस दौरान उन्हें जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण के महत्व की जानकारी दी गई।
उपवन संरक्षक बीवी चेतन कुमार ने बताया कि ‘केवलादेव मित्र’ कार्यक्रम के तहत पार्क के अधिकारी और फील्ड स्टाफ स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों से संवाद कर रहे हैं। बच्चों को आर्द्रभूमियों के महत्व, केवलादेव की जैव विविधता, पक्षियों और वन्यजीवों के संरक्षण की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी जा रही है।
स्कूलों में सक्रिय होंगे ईको-क्लब
कार्यक्रम के तहत प्रत्येक सहभागी विद्यालय को केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान का जैव विविधता मानचित्र उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही स्कूलों में ईको-क्लब को सक्रिय कर पक्षी अवलोकन, प्रकृति भ्रमण, क्विज, चित्रकला और फोटोग्राफी जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
प्रत्येक विद्यालय में विद्यार्थियों और पार्क कार्मिकों की सहभागिता से कदम्ब का पौधा भी लगाया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों को संरक्षण गतिविधियों से सीधे जोड़ना और पौधे को उनके लिए केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान से जुड़े जीवंत प्रतीक के रूप में विकसित करना है।
‘वेटलैंड चैंपियन’ बनेंगे विद्यार्थी
एसीएफ सियाली शिंदे ने बताया कि अभियान के तहत प्रत्येक सहभागी विद्यालय से प्रकृति और पक्षी संरक्षण में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। इन बच्चों को ‘केवलादेव वेटलैंड चैंपियन’ के रूप में विकसित कर पार्क की संरक्षण गतिविधियों से लगातार जोड़ा जाएगा।
इन विद्यार्थियों को हर वर्ष फरवरी में आयोजित होने वाले भरतपुर बर्ड फेस्टिवल के दौरान सम्मानित किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, ‘केवलादेव मित्र’ कार्यक्रम का उद्देश्य केवल एक दिवसीय जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि स्कूलों और केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के बीच स्थायी संरक्षण संबंध विकसित करना है। इसके माध्यम से बच्चों को भविष्य के युवा संरक्षण दूत के रूप में तैयार किया जाएगा, जो केवलादेव के साथ जिले की अन्य आर्द्रभूमियों और जैव विविधता के संरक्षण में भी भूमिका निभा सकें।
बाइट - एसीएफ, सियाली शिंदे बाइट- स्कूली छात्र
बाइट- स्कूली छात्र बाइट- स्कूल अध्यापक