स्लग-शिमला में स्क्रब टायफस का खतरा बढ़ा, मानसून में 24 मामले आए सामने, सीएमओ ने जारी की एडवाइजरी
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →अगस्त 03, शिमला (हिमाचल प्रदेश): मानसून सीजन में शिमला जिले में स्क्रब टायफस के मामले बढ़ने लगे हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यश पाल रांटा ने बताया कि इस मानसून सीजन में अब तक जिले में 24 कन्फर्म मामले सामने आ चुके हैं। सीएमओ ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
उन्होंने बताया कि स्क्रब टायफस संक्रमित लार्वा माइट के काटने से होता है, जो घास, झाड़ियों, खेतों और घनी वनस्पति वाले इलाकों में पाए जाते हैं। तेज बुखार, तेज सिरदर्द, बदन दर्द, ठंड लगना, कमजोरी, शरीर पर रैश, गिल्टियों में सूजन और कुछ मामलों में काटने की जगह पर काला निशान (एस्कर) इसका मुख्य लक्षण है।
उन्होंने लोगों से स्क्रब टायफस से बचाव के लिए एतिहद बरतने की अपील की है . उन्होंने कहा कि लोग इस मौसम में घास और झाड़ियां में सीधे संपर्क में ना आए. और घरों के आसपास साफ सफाई रखें . वही किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टरों की सलाह लें। डॉ. रांटा ने कहा कि समय पर पहचान होने पर स्क्रब टायफस का इलाज संभव है।
जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सभी स्वास्थ्य संस्थानों को निगरानी, जल्द जांच, समय पर इलाज और रिपोर्टिंग के निर्देश दिए गए हैं।