सोनिया-गांधी देश की नागरिक बाद में पहले मतदाता बन गई:मदन राठौड़ बोले- उस समय SIR होता तो वो वोटर नहीं होती, यहीं वोट चोरी हैं
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →देश में चुनाव आयोग और एसाईआर को लेकर विपक्ष के प्रदर्शन पर पलटवार करते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि सोनिया गांधी देश की नागरिक बाद में बनीं, लेकिन वोटर पहले बन गई थी। इसे ही वोट चोरी कहते हैं। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी की राजीव गांधी से शादी के बाद वह देश की नागरिक बन गई थी।
लेकिन वह वोटर पहले बन गई थी। यह गलत हुआ कि नहीं हुआ। यानि मतदाता पहले बन गई और देश की नागरिक बाद में बनी, इसे ही वोट चोरी कहते हैं। एसाईआर में इसी का शुद्धिकरण हो रहा है। मदन राठौड़ ने कहा कि उस समय एसाईआर होता तो वह वोटर नहीं होती। क्योंकि वो पहले कैसे मतदाता बन सकती है, जबकि वो देश की नागरिक ही नहीं थी।
इस देश का वंशज देश का नागरिक होगा मदन राठौड़ ने कहा कि मैं सोचता हूं कि विपक्ष गलत रास्ता चुन रहा है, देश में गलत धारणा पैदा करना चाहता है। हम सबको एक बात सोचनी चाहिए कि देश में कौन मतदाता रहे। जिसकी जड़े इस देश से हो। जिसके दादा,परदादा पिता इस देश के नागरिक हो, उसको मताधिकार का अधिकार मिलना चाहिए या फिर जो व्यक्ति बाहर से इस देश मे फायदा लेने आया हैं।
व्यापार और कामकाज करने आया हैं। उसको मताधिकार का अधिकार मिलना चाहिए। पहले यह तो तय करें कि मतदाता कौन होगा। जिसकी जड़े देश मे हैं, जो देश को अपनी मातृभूमि, पितृभूमि और पुण्य भूमि समझता है। जो देश का वंशज है, मैं वंशज शब्द प्रयोग कर रहा हूं, क्योकि जो देश का वंशज है, उसी को वोट देने का अधिकार होना चाहिए।
अगर एसाईआर में तय हुआ है तो क्या एतराज है। जनादेश का सम्मान करना चाहिए। लेकिन ऐसा व्यक्ति नहीं हो, जो बाहर से आकर फायदा लेकर चला जाएगा। उसको वोट का पावर देकर सत्ता प्राप्त की जाए, यह ठीक बात नहीं है।
📡 स्रोत: NewsData.io