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सोते-सोते थम गई 27 वर्षीय पुलिस आरक्षक शशांक श्रीधर की सांसें, पिता की मौत के बाद मिली थी अनुकंपा नौकरी

लेखक: Kuldeep Sharma अंतिम अपडेट: 17 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
सोते-सोते थम गई 27 वर्षीय पुलिस आरक्षक शशांक श्रीधर की सांसें, पिता की मौत के बाद मिली थी अनुकंपा नौकरी

शिवपुरी। महाराणा प्रताप कॉलोनी निवासी और ग्वालियर पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर पदस्थ 27 वर्षीय शशांक श्रीधर का 16 सितंबर की सुबह आकस्मिक निधन हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उनकी मौत साइलेंट अटैक के कारण बताई गई है। महज 27 वर्ष की उम्र में शशांक के असमय निधन से परिवार में मातम पसरा हुआ है। उनकी मौत की खबर से परिजनों, रिश्तेदारों और परिचितों में शोक की लहर है।

रात में मां-बहन से की बातचीत, सुबह नहीं उठे

जानकारी के अनुसार, शशांक ग्वालियर के हेमसिंह की परेड क्षेत्र, कम्पू में अपनी मां, दादी और छोटी बहन के साथ रहते थे। 15 सितंबर की रात खाना खाने के बाद उन्होंने अपनी मां और बहन से बातचीत की और रात करीब 1 बजे अपने कमरे में जाकर सो गए। बताया गया है कि 16 सितंबर की सुबह करीब 4 बजे सोते समय ही उनकी सांसें थम गईं।

सुबह करीब 8:30 बजे जब परिजन उन्हें जगाने के लिए पहुंचे तो शशांक नहीं उठे। इसके बाद परिजन उन्हें तत्काल लिंक हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां से जय आरोग्य अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने शशांक को मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण साइलेंट अटैक बताया गया है।

शिवपुरी लाकर किया अंतिम संस्कार

शशांक के निधन की सूचना मिलने के बाद शिवपुरी से उनके चाचा बसंत शर्मा सहित अन्य परिजन ग्वालियर पहुंचे।

इसके बाद शशांक का शव ग्वालियर से शिवपुरी लाया गया। 16 सितंबर की रात करीब 8 बजे शिवपुरी मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

अंतिम यात्रा में परिजन, रिश्तेदार और परिचित शामिल हुए।

एसपी बंगले स्थित मंदिर के पुजारी के भतीजे थे शशांक

शशांक श्रीधर शिवपुरी में एसपी बंगले स्थित मंदिर के पुजारी बसंत शर्मा के भतीजे थे। उनके पिता स्व. संतोष कुमार शर्मा 18वीं बटालियन में पदस्थ थे। वर्ष 2014 में सड़क दुर्घटना में उनके पिता का निधन हो गया था।

इसके बाद शशांक को अनुकंपा नियुक्ति मिली थी और वह पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर सेवाएं दे रहे थे।

मां और दो बहनों को छोड़ गए पीछे

शशांक अपने पीछे मां और दो बहनों को छोड़ गए हैं। उनकी एक बहन विवाहित है, जबकि दूसरी छोटी बहन अविवाहित है। परिवार ने पहले ही वर्ष 2014 में पिता को सड़क हादसे में खो दिया था। अब महज 27 वर्ष की उम्र में शशांक के निधन से मां, बहनों और अन्य परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अचानक हुई इस मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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Kuldeep Sharma

कुलदीप शर्मा पिछोर, शिवपुरी के वरिष्ठ पत्रकार हैं, जो लंबे समय से जनसमस्याओं और सामाजिक मुद्दों को अपनी पत्रकारिता के माध्यम से सामने लाते हैं। वे जमीनी स्तर की खबरों और जनसरोकार से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाते हैं