राज्य

सोयाबीन किसानों के लिए राहत, भावांतर योजना में पंजीयन की अंतिम तिथि 24 अक्टूबर तक बढ़ी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 18 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
सोयाबीन किसानों के लिए राहत, भावांतर योजना में पंजीयन की अंतिम तिथि 24 अक्टूबर तक बढ़ी

सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए राहत की खबर है। भारत सरकार की प्राइस डिफिसिट पेमेंट स्कीम यानी भावांतर योजना के तहत खरीफ वर्ष 2026 की सोयाबीन फसल के पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 24 अक्टूबर कर दी गई है। पहले पंजीयन की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर निर्धारित की गई थी। विदिशा के उप संचालक कृषि के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष किसानों के कम पंजीयन को देखते हुए शासन ने किसान हित में यह निर्णय लिया है।

इससे निर्धारित अवधि में पंजीयन नहीं करा पाने वाले किसानों को योजना में शामिल होने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा। भावांतर योजना का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने में सहायता करना है। योजना के प्रावधानों के अनुसार, यदि मंडी में सोयाबीन का बिक्री मूल्य निर्धारित समर्थन मूल्य से कम रहता है, तो पात्र पंजीकृत किसानों को मॉडल रेट और बिक्री मूल्य के अंतर की राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से अंतरित की जा सकती है।

उप संचालक कृषि ने जिले के सभी सोयाबीन उत्पादक किसानों से अपील की है कि जिन किसानों ने अब तक पंजीयन नहीं कराया है, वे 24 अक्टूबर से पहले ई-उपार्जन पोर्टल पर अपना पंजीयन अवश्य करा लें, ताकि वे योजना के संभावित लाभ से वंचित न रहें।

--------

  1. सोयाबीन भावांतर योजना में पंजीयन की अंतिम तिथि 24 अक्टूबर तक बढ़ी
  2. पहले 17 अक्टूबर थी पंजीयन की अंतिम तिथि
  3. कम पंजीयन को देखते हुए शासन ने दिया अतिरिक्त समय
  4. ई-उपार्जन पोर्टल पर करा सकेंगे सोयाबीन फसल का पंजीयन
  5. पात्र किसानों को नियमानुसार डीबीटी से मिल सकती है अंतर राशि
M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।