Soyoil Import: फेस्टिव सीजन में बढ़ी सोयाबीन तेल की मांग, भारत में टूट सकता है Import रिकॉर्ड

Soyoil Import: भारत में अगस्त के बाद से त्यौहारी सीजन शुरू हो जाता है. जिसमें खाने के तेल की काफी ज्यादा मांग बढ़ जाती है. इसी मांग को देखते हुए भारत में इस महीने में सोयाबीन तेल का आयात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है. इसकी एक वजह सोयाबीन तेल की कम कीमत और रूस-यूक्रेन युद्ध का युद्ध भी है, वो ऐसे क्योंकि इस वजह से सनफ्लावर तेल की सप्लाई में काफी परेशानी आ रही है. इन हालातों की वजह से भारतीय रिफाइनर सोयाबीन तेल ज्यादा खरीद रहे हैं.
क्या बोले कारोबारी?
बिजनेस स्टैंडर्ड ने इसे लेकर हाल ही में कुछ कारोबारियों से भी बात की है. इस बातचीत में सामने आया है कि, अगस्त में भारत करीब 6.20 लाख टन सोयाबीन तेल आयात कर सकता है. ये मौजूदा मार्केटिंग इयर में हर महीने होने वाले औसत आयात से करीब 46% ज्यादा है.
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सनफ्लावर ऑइल की सप्लाई हुई प्रभावित
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के कारण काला सागर क्षेत्र से सनफ्लावर ऑइल की सप्लाई प्रभावित हुई है. अगस्त में भारत का सनफ्लावर ऑइल इम्पोर्ट घटकर करीब 1.80 लाख टन रह सकता है, जो फरवरी 2026 के बाद सबसे कम होगा. अगस्त-सितंबर में करीब 1.50 लाख टन सनफ्लावर तेल की खेप में देरी हुई है. साउथ में में आमतौर पर सनफ्लावर तेल की मांग ज्यादा रहती है, लेकिन सप्लाई में परेशानी के कारण खरीदार अब सोयाबीन तेल ही खरीद रहे हैं.
सोयाबीन तेल हो रहा सस्ता?
सोयाबीन तेल और पाम ऑइल की कीमतों का अंतर भी कम हुआ है. अप्रैल में सोयाबीन तेल, पाम तेल से 100 डॉलर प्रति टन से ज्यादा महंगा था, लेकिन अब ये अंतर घटकर करीब 50 डॉलर प्रति टन रह गया है. दूसरी ओर, खराब मौसम से पाम ऑइल का उत्
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar