व्यापार

स्पाइसजेट पर क्यों लगा लाखों का जुर्माना? दिवालिया कार्रवाई पर बड़ा अपडेट

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 20 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
स्पाइसजेट पर क्यों लगा लाखों का जुर्माना? दिवालिया कार्रवाई पर बड़ा अपडेट

SpiceJet Insolvency Case Update: वित्तीय संकट से जूझ रही विमानन कंपनी स्पाइसजेट को एनसीएलटी से फिलहाल बड़ी राहत मिली है.

विमान पट्टेदार कंपनी एविएटर एमएल 29641 लिमिटेड ने स्पाइसजेट के खिलाफ दायर दिवाला याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी थी, जिसे न्यायाधिकरण ने मंजूर कर लिया है. दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद ये फैसला आया है.

हालांकि, मामले की सुनवाई को अंतिम फैसले तक पहुंचने के बाद समझौते की जानकारी देने पर दोनों पक्षों पर 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. दोनों पक्षों को पर लगा कितना जुर्माना? दिल्ली स्थित एनसीएलटी की विशेष पीठ ने स्पाइसजेट और एविएटर एमएल को 7.5-7.5 लाख रुपये जमा करने को कहा है.

ये रकम प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में जमा करनी होगी. दोनों पक्षों को 7 दिन में भुगतान का प्रमाण न्यायाधिकरण के पंजीकरण कार्यालय में देना होगा. ऐसा नहीं करने पर मामला दोबारा सुनवाई के लिए लगाया जा सकता है.

एक दिन में चांदी 5730 रुपए सस्ती, सोना भी धड़ाम, आपके शहर में क्या है गोल्ड-सिल्वर का रेट

58.64 करोड़ रुपये से जुड़ा क्या था मामला? एविएटर एमएल ने साल 2024 में दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता की धारा 9 के तहत स्पाइसजेट के खिलाफ याचिका दायर की थी. इसमें 58.64 करोड़ रुपये के बकाये का दावा किया गया था.

ये मामला उन कई याचिकाओं में शामिल था, जिन्हें विमान पट्टेदार कंपनियों ने स्पाइसजेट से बकाया रकम की वसूली के लिए दायर किया था. क्यों नाराज था न्यायाधिकरण? दरअसल, एनसीएलटी इस मामले में आदेश सुनाने की तैयारी कर चुका था. इसी बीच स्पाइसजेट और एविएटर एमएल ने आपसी समझौते की जानकारी दे दी.

बस फिर न्यायाधिकरण ने इस पर नाराजगी जताई क्योंकि मामले की सुनवाई पूरी हो चुकी थी और आदेश के लिए इसे सुरक्षित रखा गया था. अदालत का मानना था कि इस तरह आखिरी समय में समझौते की जानकारी देने से न्यायिक समय और संसाधनों की बर्बादी हुई है. <a href="https://www.abplive.com/busines

📡 स्रोत: ABP Live Vyapar

📰 पूरी खबर पढ़ें (ABP Live Vyapar पर जाएं)
J
JKS News Desk

वॉयस ऑफ क्रांति की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।