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स्पेस से सेमीकंडक्टर तक, भारत में नई औद्योगिक क्रांति की दस्तक

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 10 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
स्पेस से सेमीकंडक्टर तक, भारत में नई औद्योगिक क्रांति की दस्तक

सितंबर 10, नई दिल्ली: भारत की अर्थव्यवस्था अब पारंपरिक उद्योगों से आगे बढ़ते हुए हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और उभरते क्षेत्रों में नई रफ्तार पकड़ रही है। वैश्विक निवेश बैंक जेफरीज ने 9 सितंबर को जारी अपनी रिपोर्ट में इसे "India's New Industrial Revolution" यानी भारत की नई औद्योगिक क्रांति करार दिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, देश का विशाल घरेलू बाजार, निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी और सरकार की लगातार नीतिगत मदद इस बदलाव के प्रमुख आधार हैं। जेफरीज ने स्पेस, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर और एयरोस्पेस को छह प्रमुख हाई-ग्रोथ सेक्टर बताया है। रिपोर्ट में अनुमान है कि भारत की स्पेस इकोनॉमी 2030 तक 40 से 45 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है, जबकि डेटा सेंटर क्षमता अगले पांच वर्षों में करीब 10 गीगावॉट तक बढ़ सकती है।

सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स में घरेलू निर्माण क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ सोलर वैल्यू चेन के बड़े हिस्से के स्थानीयकरण पर भी जोर है। वहीं एयरोस्पेस क्षेत्र में भारत वैश्विक कंपनियों के लिए एक अहम सप्लाई और मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है। रिपोर्ट का मानना है कि इन क्षेत्रों में बढ़ता निवेश आने वाले वर्षों में भारत की औद्योगिक क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को नई मजबूती दे सकता है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।