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स्टालिन बोले-सीएम विजय रील से जनता को गुमराह कर रहे:सिनेमा की तरह चला रहे प्रशासन; विजय ने विधानसभा में जबड़े पर किया था इशारा

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 10 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
स्टालिन बोले-सीएम विजय रील से जनता को गुमराह कर रहे:सिनेमा की तरह चला रहे प्रशासन; विजय ने विधानसभा में जबड़े पर किया था इशारा

डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु के सीएम विजय ने विधानसभा को रील बनाने की जगह बना दिया है। जिस पुल को हमने बनाया, उस पर खड़े होकर फोटोशूट करते हैं और प्रशासन भी ऐसे चला रहे हैं, जैसे फिल्म की शूटिंग हो। उन्होंने आगे कहा कि अपनी नाकाम प्रशासन व्यवस्था को छिपाने के लिए आप इस तरह की अलग-अलग रील पोस्ट कर रहे हैं और पूरी पीढ़ी को गुमराह कर रहे हैं।

उन्होंने गुरुवार को अपने एक्स अकाउंट पर वीडियो जारी कर ये बातें कहीं। दरअसल, विजय ने 7 सितंबर को विधानसभा में आपातकाल और मेंटेनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट 1971 (MISA) के तहत हुई गिरफ्तारियों का जिक्र किया था। इस दौरान उन्होंने हाथ को जबड़े के पास ले जाया था। डीएमके ने इस इशारे को स्टालिन के जबड़े की चोट से जोड़कर देखा था।

स्टालिन बोले- विजय ने जो कहा वह सही है झूठ नहीं, 5 मुख्य बातें… जबड़े वाले विवाद पर CM विजय बोले- जानबूझकर नहीं किया विजय ने 8 सितंबर को हाथ से किए गए इशारे को लेकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि यह जानबूझकर नहीं किया गया था। विजय के इशारे को लेकर सरकार को बाहर से समर्थन दे रही CPM ने कहा कि इशारा पूर्व CM एमके स्टालिन की बॉडी-शेमिंग है।

वहीं विपक्षी DMK ने आरोप लगाया कि विजय ने आपातकाल के दौरान गिरफ्तारियों का मजाक उड़ाया है। स्टालिन को आपातकाल के दौरान 1976 में गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि पुलिस हिरासत में उन पर हमला हुआ था, जिससे उनका जबड़ा टूट गया था। पूरी खबर पढ़ें… एमके स्टालिन की 1976 की गिरफ्तारी और जबड़ा टूटना 1976 में इमरजेंसी के दौरान, एमके स्टालिन को MISA के तहत गिरफ्तार किया गया था।

स्टालिन ने अपनी आत्मकथा में बताया कि चेन्नई सेंट्रल जेल में पुलिस हिरासत के दौरान उन्हें बेरहमी से पीटा गया था। इस कारण उनका जबड़ा टूट गया था। बॉडी-शेमिंग क्या है?

बॉडी-शेमिंग का अर्थ किसी व्यक्ति के शारीरिक आकार, वजन, रंग या बनावट को लेकर नकारात्मक टिप्पणी करना या उसका मजाक उड़ाना है। यह एक प्रकार की हिंसा है जो व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकती है, जिससे उसे शर्मिंदगी, तनाव और हीन भावना महसूस हो सकती है।

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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