स्टालिन ने हार के बाद DMK में किए बड़े बदलाव, इन पदों पर तय की उम्र सीमा

डीएमके अब चुनाव हार के बाद से पार्टी में बदलाव की कसौटी से गुजर रही है. डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने पार्टी के कामकाज के तरीके में बड़ा बदलाव किया है.
कई अहम पदों के लिए उम्र की सीमा और दो बार यानी टू टर्म तक पद पर बने रहने का फॉर्मूला लागू कर दिया है. यह पार्टी में एक संगठनात्मक ढांचे में बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है.
राजनीतिक में हलकों में जो खबर उसके मुताबिक, चेन्नई में अन्ना अरिवलयम में हुए डीएमके की वर्किंग कमिटी की मीटिंग में प्रस्तावों के जरिए इन बदलावों को मंजूरी दी गई है. पार्टी ने कहा है कि सुधारों का मकसद संगठन में नया खून यानी नए लोग लाना है. डीएमके सांसद ने इन बदलावों का किया स्वागत
डीएमके सांसद पी विल्सन ने इन बदलावों को स्वागत किया है. उन्होंने इसे सकारात्मक संगठनात्मक सुधार करार दिया है . विल्सन ने अपने बयान में कहा है कि ये अच्छे सुधार हैं. यह जन कल्याणकारी कदम भी हैं. सभी लोग खुश हैं. नए नियमों के तहत किस तरह के बदलाव किए गए हैं
नए नियमों पर नजर डालें तो इसके तहत ब्रांच पार्टी सेक्रेटरी के लिए अधिकतम उम्र 45 साल रखी गई है. इसके अलावा म्युनिसिपल, सिटी और टाउन पंचायत वार्ड कमेटी सेक्रेटरी की उम्र 50 साल से ज्यादा होना चाहिए. इन नियमों को निर्धारित किया गया है.
इसके अलावा टाउन पंचायत पार्टी सेक्रेटरी, एरिया कमेटी सेक्रेटरी और सिटी कमेटी सेक्रेटरी के लिए उम्र की लिमिट 60 साल तय की गई है. घोषित पदों में डिस्ट्रिक्ट पार्टी सेक्रेटरी के लिए उम्र की लिमिट सबसे ज्यादा 70 साल तय की गई है. इन पदों पर चुने गए लोगों को ज्यादा से ज्यादा दो टर्म तक सर्विस देने की अनुमति होगी.
डीएमके ने कुछ स्थानीय पार्टी ऑर्गेनाइजेशन यूनिट के स्ट्रक्चर में बदलाव किया है. ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन में हर एरिया कमेटी में एवरेज 40 हजार वोटर होंगे. दूसरे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में यह नंबर 30 हजार वोटर की होगी. प्रस्तावों के मुताबिक, सिटी कमेटियों में भी
📡 स्रोत: ABP Live