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Strait of Hormuz US Territory: अमेरिकी सेना ने कौन सा किला फतह किया? डोनाल्ड ट्रंप बोले- 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' अब अमेरिकी इलाका, दुनिया भर में मची खलबली

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 22 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
Strait of Hormuz US Territory: अमेरिकी सेना ने कौन सा किला फतह किया? डोनाल्ड ट्रंप बोले- 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' अब अमेरिकी इलाका, दुनिया भर में मची खलबली

पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद चौंकाने वाला और विवादित दावा कर पूरी दुनिया के भू-राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी नौसेना ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन समुद्री मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित कर लिया है और वे इसे अब एक "अमेरिकी क्षेत्र" (US Territory) के रूप में देखते हैं।

सोशल मीडिया पर एक नक्शा साझा करने से लेकर सार्वजनिक रैलियों तक, ट्रंप के इस आक्रामक रुख ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों और वैश्विक तेल बाजारों को हिलाकर रख दिया है।

ट्रंप का बड़ा दावा: 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर हमारा पूरा कब्जा' साउथ कैरोलिना और न्यूयॉर्क में अपनी हालिया रैलियों तथा मीडिया वार्ताओं के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि ईरान के साथ जारी संघर्ष और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी (Naval Blockade) के बाद अब इस रणनीतिक जलमार्ग पर अमेरिका का 'टोटल कंट्रोल' है।

ट्रंप ने कहा कि वे इसे आधिकारिक रूप से अमेरिकी इलाका घोषित करने के पक्ष में हैं क्योंकि अमेरिकी नौसेना ने वहां पानी में बिछाई गई माइंस (Mines) को हटाकर नौवहन को अपने संरक्षण में ले लिया है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके इस कड़े नियंत्रण के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर नियंत्रण पाने में मदद मिल रही है और ईरान की अर्थव्यवस्था गंभीर संकट में घिर चुकी है। ईरान का पलटवार: 'अमेरिका का यह दावा केवल एक भ्रम' ट्रंप के इस बयान पर ईरान की तरफ से तीखी और आक्रामक प्रतिक्रिया सामने आई है।

ईरानी अधिकारियों और विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने ट्रंप के दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे "खोखला भ्रम" करार दिया। ईरान की संसद और वार्ताकारों का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक संप्रभु जलक्षेत्र है जिसकी सीमाएं ईरान और ओमान से लगती हैं।

तेहरान ने स्पष्ट किया है कि जब तक अमेरिका अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करता, तब तक इस समुद्री मार्ग पर सामान्य वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही को उनके नियमों और सुरक्षा मानकों के तहत ही नियंत्रित किया जाएगा।

ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी कि अमेरिका का किसी अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को अपना इलाका घोषित करना अवैध और गैर-कानूनी है। वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए क्यों इतना अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?

फारस की खाड़ी (Persian Gulf) और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाला 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण 'चोकपॉइंट' (Chokepoint) माना जाता है। दुनिया के कुल समुद्री कच्चे तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत (पांचवां हिस्सा) इसी संकरे जलमार्ग से होकर गुजरता है।

सऊदी अरब, इराक, यूएई, कुवैत और कतर जैसे प्रमुख ऊर्जा निर्यातक देश अपना अधिकांश तेल और प्राकृतिक गैस (LNG) इसी रास्ते से एशियाई और यूरोपीय बाजारों में भेजते हैं। इस इलाके में किसी भी प्रकार का सैन्य गतिरोध या क्षेत्रीय दावों का टकराव वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में भारी उछाल और ऊर्जा संकट पैदा कर सकता है।

ओमान की मध्यस्थता और बातचीत की कोशिशों पर अनिश्चितता एक तरफ जहां ओमान और क्षेत्रीय देश इस जलमार्ग को सुरक्षित और खुला रखने के लिए कूटनीतिक समझौतों की राह तलाश रहे हैं, वहीं ट्रंप प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि अमेरिका अपने नौसैनिक सुरक्षा घेरे को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने देगा।

विदेश मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह आक्रामक बयान ईरान पर अधिकतम मनोवैज्ञानिक और आर्थिक दबाव (Maximum Pressure Campaign) बनाने की एक रणनीति का हिस्सा हो सकता है, ताकि तेहरान को अमेरिकी शर्तों पर वार्ता की मेज पर आने के लिए मजबूर किया जा सके।

📡 स्रोत: NewsData.io

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