विदेश

सूडान में राहत सामग्री ले जा रहे संयुक्त राष्ट्र के ट्रकों पर हवाई हमला, डब्‍ल्‍यूएफपी ने की कड़ी निंदा

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 3 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
सूडान में राहत सामग्री ले जा रहे संयुक्त राष्ट्र के ट्रकों पर हवाई हमला, डब्‍ल्‍यूएफपी ने की कड़ी निंदा

संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्‍ल्‍यूएफपी) ने बताया कि रविवार को दक्षिणी सूडान के दक्षिण कोर्डोफान राज्य में डिलिंग के बाहर उसके दो ट्रकों पर हवाई हमला किया गया. ये ट्रक कडुगली शहर के लिए खाद्य सहायता लेकर जा रहे थे.

डब्‍ल्‍यूएफपी ने बुधवार (स्थानीय समयानुसार) जारी एक बयान में कहा कि इस हमले में 50 मीट्रिक टन से अधिक खाद्य सामग्री नष्ट हो गई. यह इतनी मात्रा थी कि इससे लगभग 5,800 लोगों को एक महीने तक जीवनरक्षक खाद्य सहायता उपलब्ध कराई जा सकती थी.

डब्‍ल्‍यूएफपी ने की हमले की कड़ी निंदा डब्‍ल्‍यूएफपी ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ट्रकों पर साफ तौर पर डब्‍ल्‍यूएफपी के बैनर और झंडे लगे हुए थे, जिससे उनकी पहचान आसानी से की जा सकती थी.

स‍िन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, संस्था ने कहा कि यह हमला सूडान में मानवीय सहायता एजेंसियों के सामने मौजूद कठिन हालात का एक और उदाहरण है.

डब्‍ल्‍यूएफपी के अनुसार, इस वर्ष की शुरुआत से अब तक उसके परिसरों और अभियानों पर आठ हवाई हमले हो चुके हैं, जिनसे उसके कामकाज को नुकसान पहुंचा है और राहत कार्य प्रभावित हुए हैं.

WFP ने की लोगों की मदद की अपील डब्‍ल्‍यूएफपी ने संघर्ष में शामिल सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का सम्मान करने और आम नागरिकों, राहतकर्मियों तथा मानवीय सहायता संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की.

संस्था ने जोर देकर कहा कि राहतकर्मियों और मानवीय सहायता अभियानों पर हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और इन्हें तुरंत बंद किया जाना चाहिए. कडुगली में डब्‍ल्‍यूएफपी उन लगभग 58,000 लोगों की सहायता कर रहा है जो गंभीर खाद्य संकट का सामना कर रहे हैं. इन लोगों को खाद्य सामग्री सीधे उपलब्ध कराई जा रही है.

इमरजेंसी लॉयर्स ने भी की हमले की निंदा स्वयंसेवी मानवाधिकार संगठन 'इमरजेंसी लॉयर्स'ने भी इस हमले की निंदा की. समूह ने कहा कि स्पष्ट रूप से चिन्हित मानवीय सहायता वाहनों को निशाना बनाना न केवल राहत कार्यों के लिए खतरा है, बल्कि आम नागरिकों की जान को भी जोखिम में डालता है.

बुधवार को जारी बयान में समूह ने चेतावनी दी कि राहत सामग्री की पहुंच पर लगाई जा रही पाबंदियां और सहायता वितरण को रोकने या नियंत्रित करने की कोशिशें संकट को और गंभीर बना रही हैं.

इलाके में बढ़ सकता है पानी का संकट समूह के अनुसार, खेती और पशुपालन में गिरावट तथा कम वर्षा के कारण हालात और खराब हो रहे हैं. इससे समुदायों पर दबाव बढ़ रहा है और पानी के संकट का खतरा भी बढ़ सकता है.

इमरजेंसी लॉयर्स ने संघर्ष में शामिल पक्षों से अपील की कि वे नागरिकों की खाद्य और राहत सामग्री तक पहुंच में आ रही बाधाओं को हटाएं और यह सुनिश्चित करें कि जरूरतमंद लोगों तक बिना किसी भेदभाव और रुकावट के सहायता पहुंचे.

हमलों की तुरंत स्वतंत्र जांच कराने की मांग संगठन ने इस हमले और इससे पहले मानवीय सहायता पर हुए अन्य हमलों की तुरंत स्वतंत्र जांच कराने तथा जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की भी मांग की. सूडान अप्रैल 2023 के मध्य से सूडानी सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स के बीच सशस्त्र संघर्ष में उलझा हुआ है.

इस संघर्ष में हजारों लोग मारे गए हैं और लाखों लोग देश के अंदर और बाहर विस्थापित हुए हैं, साथ ही खाने-पीने की कमी बढ़ी है और सहायता आपूर्ति श्रृंखलाएं बाधित हुई हैं. स्रोत- आईएएनएस

📡 स्रोत: NewsData.io

📰 पूरी खबर पढ़ें (NewsData.io पर जाएं)
J
JKS News Desk

वॉयस ऑफ क्रांति की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।