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Sukanya Samriddhi Yojana Big Calculation: बेटी के लिए ऐसे तैयार होगा ₹70 लाख का भारी-भरकम फंड! समझिए हर महीने ₹12,500 जमा करने का पूरा गणित

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 2 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
Sukanya Samriddhi Yojana Big Calculation: बेटी के लिए ऐसे तैयार होगा ₹70 लाख का भारी-भरकम फंड! समझिए हर महीने ₹12,500 जमा करने का पूरा गणित

अपनी बेटी के सुरक्षित भविष्य, उच्च शिक्षा और विवाह के बड़े खर्चों के लिए पहले से योजना बनाना हर अभिभावक की सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। भारत सरकार की 'सुकन्या समृद्धि योजना' (SSY) छोटी बचत योजनाओं में सबसे अधिक ब्याज और पूर्ण सॉवरेन गारंटी देने वाला विकल्प है।

यदि आप अपनी बेटी के जन्म के शुरुआती वर्षों में ही योजनाबद्ध तरीके से निवेश शुरू करते हैं, तो कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि ब्याज) के प्रभाव से 21 साल की मैच्योरिटी पर लगभग ₹70 लाख का गारंटीड फंड तैयार किया जा सकता है। ₹70 लाख का फंड बनाने का पूरा गणित: ₹12,500 प्रति माह का निवेश सुकन्या समृद्धि योजना के तहत एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम ₹250 और अधिकतम ₹1,50,000 जमा किए जा सकते हैं।

यदि आप आयकर की धारा 80C के तहत मिलने वाली पूरी छूट का लाभ उठाते हुए हर साल अधिकतम सीमा यानी ₹1.50 लाख (करीब ₹12,500 प्रति माह) जमा करते हैं, तो 8.2% वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज के आधार पर कैलकुलेशन इस प्रकार बनता है: मासिक निवेश: लगभग ₹12,500 वार्षिक निवेश: ₹1,50,000 (अधिकतम कानूनी सीमा) जमा करने की कुल अवधि: 15 वर्ष 15 वर्षों में आपका कुल निवेश: ₹1,50,000 × 15 = ₹22,50,000 वर्तमान ब्याज दर: 8.2% प्रति वर्ष (वार्षिक चक्रवृद्धि) खाते की परिपक्वता अवधि (Maturity Period): 21 वर्ष कुल अर्जित ब्याज: लगभग ₹46,76,000 से अधिक 21 साल बाद कुल मैच्योरिटी राशि: ₹69,26,000 से ₹70,00,000+ (लगभग ₹70 लाख) (नोट: ब्याज की गणना 8.2% वार्षिक दर पर आधारित है।

सरकार हर तिमाही में ब्याज दरों की समीक्षा करती है; यदि भविष्य में दरों में मामूली वृद्धि होती है, तो यह फंड ₹70 लाख को भी पार कर जाएगा।) 15 साल निवेश और 21 साल में मैच्योरिटी: 6 साल का कंपाउंडिंग मैजिक सुकन्या समृद्धि योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको पूरे 21 साल पैसे जमा नहीं करने होते।

अभिभावक को केवल पहले 15 वर्षों तक ही नियमित किस्तें जमा करनी होती हैं। 16वें वर्ष से लेकर 21वें वर्ष तक (यानी अंतिम 6 साल) आपको एक भी रुपया अपनी जेब से नहीं डालना पड़ता। इन 6 वर्षों में खाते में जमा ₹22.50 लाख की मूल राशि और पहले से जुड़े ब्याज पर 8.2% की दर से चक्रवृद्धि ब्याज लगातार बढ़ता रहता है।

इसी 'कंपाउंडिंग इफेक्ट' के कारण ब्याज का हिस्सा आपके कुल निवेश से दोगुने से भी अधिक हो जाता है।

EEE स्टेटस: ₹70 लाख की पूरी रकम पर शून्य टैक्स सुकन्या समृद्धि योजना को आयकर कानून के तहत EEE (Exempt-Exempt-Exempt) श्रेणी का दर्जा प्राप्त है: निवेश पर छूट: हर साल जमा किए जाने वाले ₹1.5 लाख पर धारा 80C के तहत टैक्स डिडक्शन मिलता है।

ब्याज पर छूट: हर साल खाते में जुड़ने वाला ब्याज पूरी तरह कर-मुक्त (Tax-Free) होता है। मैच्योरिटी पर शून्य टैक्स: 21 वर्ष पूरे होने पर जो लगभग ₹70 लाख की राशि बेटी के खाते में ट्रांसफर होगी, उस पर ₹1 का भी आयकर (Income Tax) नहीं देना होगा।

योजना के प्रमुख नियम और शर्तें आयु सीमा: खाता केवल 10 वर्ष से कम उम्र की बेटी के नाम पर ही खोला जा सकता है।

परिवार सीमा: एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों के लिए ही यह खाता मान्य है (यदि पहली बेटी के बाद जुड़वां बच्चियां होती हैं, तो तीनों को लाभ मिलता है)। 18 वर्ष पर आंशिक निकासी: जब बेटी 18 वर्ष की हो जाए या 10वीं कक्षा उत्तीर्ण कर ले, तो उसकी उच्च शिक्षा के दाखिले व फीस के लिए खाते में मौजूद कुल बैलेंस का 50% तक निकाला जा सकता है।

विवाह पर पूर्ण निकासी: यदि बेटी की शादी 18 वर्ष की आयु के बाद होती है, तो आवश्यक प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर 21 वर्ष से पहले भी खाता पूर्ण रूप से बंद कराकर पूरी राशि प्राप्त की जा सकती है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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