सुक्खू सरकार का मुकाबला अब विपक्ष से नहीं, अपनी ही कांग्रेस से है: राजेंद्र राणा
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कहा: रोहड़ू-रामपुर में पोस्टर से गायब वीरभद्र, मित्र मंडली को सरकार और जनता को कर्जा 1.15 लाख करोड़
अक्तूबर 05, शिमला (हिमाचल प्रदेश): प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोला है। राजेंद्र राणा ने कहा कि जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को निपटाने का काम तेज कर दिया है। पिछले 4 साल से पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साथ चलने वाले धड़े, उनके समर्थकों और उनके परिवार को निपटाने में जुटे हैं।
रोहड़ू-रामपुर के 3 दिन के प्रवास में पोस्टर में वीरभद्र सिंह का नाम तक नहीं था, जिसे लेकर कांग्रेस के ही समर्थक सोशल मीडिया पर सवाल उठा रहे हैं। इससे साफ है कि कांग्रेस की लड़ाई चरम पर पहुंच गई है। कांग्रेसी कुनबा बिखर चुका है। उन्होंने मुख्यमंत्री को सलाह दी कि भाजपा में गुटबाजी के आरोप लगाने वाले पहले अपनी पार्टी की दशा और दिशा संभालें, जिसे मुख्यमंत्री ने ही खत्म करने का बीड़ा उठाया है।
प्रदेश का व्यवस्था परिवर्तन करते-करते कांग्रेस का पतन ही मुख्यमंत्री ने कर दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सरकार में मित्रों की एक मंडली बैठा रखी है, जो कभी वार्ड मेंबर बनने के काबिल भी नहीं थे, आज वही सरकार के करता-धर्ता बने हुए हैं। विधायकों को मिलने का समय नहीं होता और मंत्रियों को अपने ही विभाग के फैसलों का पता नहीं चलता है।
इस सरकार में अपने ही मंत्रियों-विधायकों को जलील किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने झूठी गारंटियां देकर जनता को ठगा है। प्रदेश का विकास थम गया है। आज हिमाचल 1 लाख 15 हजार करोड़ के कर्ज तले दब चुका है, जिसमें से 45 हजार करोड़ से ज्यादा कर्जा वर्तमान सरकार ने पौने 4 साल में लिया है, जो चिंता का विषय है।
राजेंद्र राणा ने कहा कि कर्मचारी, महिलाएं, नौजवान और बागवान सभी परेशान हैं। जिस तरह दिल्ली, यूपी और बंगाल में कांग्रेस का हाल हुआ, वैसा ही हिमाचल में होने वाला है। कांग्रेस का एक धड़ा अलग पार्टी बनाने की ओर अग्रसर है। जनता समझ चुकी है कि केंद्र में भाजपा और प्रदेश में भी भाजपा सरकार से ही विकास का जाम पहिया चलेगा।
उन्होंने कहा कि 2027 का इंतजार केवल जनता ही नहीं, बल्कि हाशिए पर धकेले गए वीरभद्र समर्थक भी कर रहे हैं।