देश

सुलतानपुर में क्रॉप कटिंग शुरू, डीएम ने किसानों को किया जागरूक

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
सुलतानपुर में क्रॉप कटिंग शुरू, डीएम ने किसानों को किया जागरूक

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ सीजन की फसलों की पैदावार का पता लगाने के लिए मंगलवार को जिलाधिकारी इन्द्रजीत सिंह ने धान की क्रॉप कटिंग कराई। इस दौरान डीएम खुद खेत में पहुंचे और धान की फसल कटवाकर उसकी उपज की जांच की। उन्होंने किसानों से फसल कटने के बाद खेतों में पराली नहीं जलाने की अपील भी की।यह कार्यक्रम तहसील सदर के दूबेपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत दूबेपुर में आयोजित किया गया।

यहां किसान जगराम और रामयश के खेतों में क्रॉप कटिंग कराई गई। इसके लिए खेत में तय माप के अनुसार एक प्लॉट तैयार किया गया। इसके बाद सीसीई एग्री ऐप के माध्यम से फसल की कटाई की प्रक्रिया पूरी की गई।फसल कटने के बाद धान की मड़ाई कराई गई और उसका वजन किया गया। पहले खेत से 17.400 किलोग्राम और दूसरे खेत से 20.510 किलोग्राम धान की उपज मिली।

दोनों खेतों से मिले आंकड़े दर्ज किए गए।इस दौरान जिलाधिकारी ने किसानों से बातचीत कर खेती और फसलों की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने किसानों से कहा कि वे अपना धान सरकारी क्रय केंद्रों पर ही बेचें, ताकि उन्हें उपज का सही दाम मिल सके। उन्होंने बिचौलियों के चक्कर में न पड़ने की भी सलाह दी।डीएम ने कहा कि किसान फसल कटने के बाद खेतों में पराली न जलाएं।

इससे हवा प्रदूषित होती है और लोगों की सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है। उन्होंने किसानों से फसल के बचे हुए अवशेषों का सही तरीके से निस्तारण करने की अपील की।अपर सांख्यिकीय अधिकारी ने बताया कि क्रॉप कटिंग के जरिए खेतों में फसल की वास्तविक पैदावार का पता लगाया जाता है। इसके आधार पर जिले की औसत उपज और कृषि उत्पादन का आंकलन किया जाता है।

जांच के बाद अंतिम आंकड़े कृषि निदेशालय की ओर से जारी किए जाते हैं।उन्होंने बताया कि क्रॉप कटिंग से मिलने वाले आंकड़े प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में भी काम आते हैं। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर फसल खराब होने की स्थिति में किसानों को मिलने वाले बीमा मुआवजे का निर्धारण किया जाता है।इस मौके पर उप जिलाधिकारी सदर गरिमा सोनकिया सहित राजस्व विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।