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सुनाज, करमई, टीला और कमालपुर में अवैध शराब के खिलाफ आदिवासी ग्रामीणों ने खोला मोर्चा

लेखक: Kuldeep Sharma अंतिम अपडेट: 15 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
सुनाज, करमई, टीला और कमालपुर में अवैध शराब के खिलाफ आदिवासी ग्रामीणों ने खोला मोर्चा

शिवपुरी। कोलारस थाना क्षेत्र के ग्राम सुनाज, करमई, टीला और कमालपुर के आदिवासी महिला-पुरुषों ने गांवों में कथित अवैध कच्ची और पक्की शराब की बिक्री बंद कराने की मांग को लेकर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को आवेदन दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांवों में शराब आसानी से उपलब्ध होने के कारण परिवारों पर बुरा असर पड़ रहा है और बच्चे भी नशे की ओर बढ़ रहे हैं।

आवेदन में महिलाओं ने बताया कि शराब के कारण घरों की आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है। मजदूरी की कमाई शराब में खर्च होने के साथ ही गाली-गलौज, घरेलू विवाद और महिलाओं की प्रताड़ना की स्थिति बन रही है। इसका बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पर भी असर पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम बनाकर गांवों में तत्काल कार्रवाई, अवैध शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई तथा शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि "हम शराब नहीं, अपने बच्चों के हाथ में किताब चाहते हैं।"

💡 पृष्ठभूमि (Background)

सुनाज, करमई, टीला और कमालपुर के आदिवासी ग्रामीणों ने अवैध शराब की बिक्री पर विरोध किया है। यह विषय ग्रामीणों के स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन पर शराब के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि आम लोग स्वयं अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं और अधिकारियों से बदलाव की मांग कर रहे हैं। यदि सरकार इस मांग को स्वीकार करती है तो शराब के दुरुपयोग से परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक और मनोवैज्ञानिक बोझ में कमी आएगी, जिससे ग्रामीण समाज की समग्र भलाई में सुधार

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Kuldeep Sharma

कुलदीप शर्मा पिछोर, शिवपुरी के वरिष्ठ पत्रकार हैं, जो लंबे समय से जनसमस्याओं और सामाजिक मुद्दों को अपनी पत्रकारिता के माध्यम से सामने लाते हैं। वे जमीनी स्तर की खबरों और जनसरोकार से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाते हैं