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सुप्रीम कोर्ट बोला- रेप मामले में पुलिस सख्त कार्रवाई करे:कुछ लोग हंगामा करेंगे, लेकिन आप फर्ज निभाएं; अदालत ने रेप की 3 घटनाओं पर खुद नोटिस लिया

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 5 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
सुप्रीम कोर्ट बोला- रेप मामले में पुलिस सख्त कार्रवाई करे:कुछ लोग हंगामा करेंगे, लेकिन आप फर्ज निभाएं; अदालत ने रेप की 3 घटनाओं पर खुद नोटिस लिया

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली-NCR में पिछले दिनों नाबालिगों से गैंगरेप मामले पर सख्त टिप्पणी की। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से कहा कि हम भारत जैसे देश में हैं। केवल चीजों को कागज पर लिख देना पर्याप्त नहीं है। आपको कार्रवाई करनी होगी। अगर थोड़ा सख्त या कड़ा होना पड़े तो हिचकिचाएं नहीं।

कुछ लोग अनुच्छेद 21 (जीवन के अधिकार) का हवाला देकर हंगामा करेंगे, लेकिन आपको (पुलिस) अपना कर्तव्य निभाना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में पिछले दिनों नाबालिगों से गैंगरेप के तीन मामलों पर दिल्ली पुलिस, गृह मंत्रालय से 4 हफ्ते में जवाब मांगा है। रेप की घटनाएं ग्रेटर नोएडा-दिल्ली बस, आस्था कुंज पार्क और स्वरूप नगर में हुईं थीं।

पिछले 2 महीनों की इन 3 घटनाओं पर सुनवाई 4 अगस्त: दिल्ली में 16 साल की नाबालिग से चलती बस में गैंगरेप। पीड़ित ग्रेटर नोएडा के परी चौक से बस में बैठी। आरोपियों ने उसे कश्मीरी गेट पर छोड़ा। इस दौरान बस करीब 47 किमी दौड़ती रही। बस के शीशों पर पर्दे लगे थे। 12 सितंबर: स्वरूप नगर में 16 साल की नाबालिग से गैंगरेप-हत्या।

अगले दिन खेत के पास खुले मैदान में शव मिला। चार आरोपी गिरफ्तार हुए, जिनमें तीन नाबालिग हैं। 21 सितंबर: दिल्ली के कालकाजी मंदिर के पास आस्था कुंज पार्क में 17 साल की नाबालिग अपने दोस्त के साथ बैठी थी। तीन युवकों ने फर्जी पुलिस वाले बनकर छात्रा से रेप किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- जवाबदेही तय होनी चाहिए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक जगहों को खराब रोशनी, निगरानी की कमी और पेट्रोलिंग की कमी जैसी वजहों से ‘हाई रिस्क जोन’ नहीं बनने दिया जा सकता। सिर्फ संवेदना जताना समाधान नहीं है, बल्कि अपराध रोकने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों पर है, उनकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में नाबालिगों और महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा की घटनाओं पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। आस्था कुंज पार्क की घटना का जिक्र करते हुए कोर्ट ने कहा कि LSR कॉलेज की छात्राओं ने पहले भी यौन उत्पीड़न की शिकायत की थी, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में जरूरी सुधार नहीं किए गए।

कोर्ट ने कहा कि हिंसा से मुक्त होकर सम्मान के साथ जीना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार है। दिल्ली में हर दिन बच्चों से यौन अपराध के 4 मामले NCRB के मुताबिक, 20

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में नाबालिगों से गैंगरेप मामलों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए, पुलिस को कड़ाई से कार्यवाही करने का निर्देश दिया। यह विषय लैंगिक हिंसा के खिलाफ कानूनी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह न्यायिक स्तर पर पुलिस की जवाबदेही को बढ़ाता है और समाज में लैंगिक समानता के प्रति जागरूकता को प्रोत्साहित करता है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त दंड की उम्मीद बढ़े, पीड़ितों को न्याय मिलने का भरोसा बढ़े, और लैंगिक सुरक्षा के प्रति समाज

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