सुप्रीम कोर्ट में हो सकती हैं 3 महिला जज:गुजरात हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल के नाम की सिफारिश, अभी सिर्फ दो
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
सुप्रीम कोर्ट में महिला जजों की संख्या जल्द तीन हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने गुजरात हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल को सुप्रीम कोर्ट जज बनाने की सिफारिश की है। उनके साथ दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और तेलंगाना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह के नाम भी भेजे गए हैं। कॉलेजियम ने 28 सितंबर को तीनों नामों की सिफारिश की। अभी सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस वी.
मोहना दो महिला जज हैं। सुनीता अग्रवाल की नियुक्ति हुई तो महिला जजों की संख्या तीन हो जाएगी। तीनों की नियुक्ति हुई तो सुप्रीम कोर्ट में कुल जजों की संख्या 34 से बढ़कर 37 हो जाएगी। वरिष्ठता क्रम के अनुसार जस्टिस नागरत्ना 24 सितंबर 2027 को देश की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनने की कतार में हैं।
उनका कार्यकाल 36 दिन का होगा। अभी सिर्फ दो महिला जज, एक अगले साल CJI बनेंगी बी वी नागरत्ना- 2027 में देश की पहली CJI बनेंगी भारत में CJI की नियुक्ति वरिष्ठता के आधार पर होती है। ऐसे में बी वी नागरत्ना 11 सितंबर 2027 को भारत की 50वीं मुख्य न्यायाधीश बनेंगी। वो इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला होंगी।
उनका कार्यकाल लगभग 1 महीने का होगा। वो 29 अक्टूबर 2027 को CJI के पद से रिटायर होंगी। जस्टिस वी.
मोहना: वकील से सीधे सुप्रीम कोर्ट जज बनीं जस्टिस वी.
मोहना ने कोयंबटूर लॉ कॉलेज से 1988 में कानून की पढ़ाई पूरी की और उसी साल वकालत शुरू की। वे 1996 में सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट बनीं और 2015 में सीनियर एडवोकेट नामित हुईं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में कई महत्वपूर्ण मामलों की पैरवी की, साथ ही मध्यस्थता और आर्बिट्रेशन में भी काम किया। 2 जून 2026 को उन्हें सीधे बार से सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया।
वह सुप्रीम कोर्ट की बार से सीधे जज बनने वाली दूसरी महिला हैं। सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाकर 37 करने वाला बिल मानसून सत्र में पास हुआ था केंद्रीय कैबिनेट ने 5 मई को सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। सरकार ने मानसून सत्र में बिल पेश किया।
दोनों सदनों से पास हुआ। संविधान के अनुच्छेद 124(1) के तहत सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने का अधिकार संसद के पास है। 2019 में आखिरी बार बढ़ी थी संख्या इस
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
सुप्रीम कोर्ट में महिला जजों की संख्या बढ़ने की संभावना पर चर्चा चल रही है। 28 सितंबर को कॉलेजियम ने गुजरात हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल, दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह के नाम सिफारिश किए, जिससे कोर्ट में तीन महिला जज हो सकते हैं। यह कदम लैंगिक समानता और न्यायिक विविधता के लिए महत्वपूर्ण है। अगर यह सिफारिश स्वीकार की जाती है तो महिलाओं के लिए उच्च न्यायालयों में करियर के मार्ग खुलेंगे और समाज में लैंगिक