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सूरत में कर्मचारी ने ₹24 करोड़ का सामान फूंका:मालिक ने वेतन का ₹10000 नहीं दिया तो ₹150 के पेट्रोल से मार्केट में आग लगाई

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 29 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
सूरत में कर्मचारी ने ₹24 करोड़ का सामान फूंका:मालिक ने वेतन का ₹10000 नहीं दिया तो ₹150 के पेट्रोल से मार्केट में आग लगाई

गुजरात में सूरत के संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में 9 सितंबर की रात भीषण आग लग गई थी। अब इस मामले में क्राइम ब्रांच ने एक आरोपी को अरेस्ट किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने 10 हजार रुपए के बकाया वेतन को लेकर मार्केट में पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी थी। आग इतनी तेजी से फैली कि अलग-अलग दुकानों में रखा कपड़ा और अन्य सामान जलकर खाक हो गया था।

इस घटना में कई दुकानदारों को 24 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आगे की करवाई शुरू की है। एक दुकान में अकाउंटेंट था आरोपी क्राइम ब्रांच की टीम ने सीसीटीवी फुटेज और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर आरोपी की पहचान की आरोपी विनोद पंडित सावले (33 वर्ष) को गिरफ्तार किया।

पूछताछ में विनोद ने बताया कि उसने अप्रैल 2026 में श्याम संगिनी मार्केट की दुकान नंबर 639 में स्थित जे कॉर्प इंडिया और जगदंबा टेक्सटाइल में अकाउंटेंट के रूप में नौकरी शुरू की थी। उसे 30 हजार रुपए का मासिक वेतन मिलता था। आरोपी का कहना है कि मालिक सुमितभाई और हनुमान द्वारकाप्रसाद जवेर उसे काम नहीं आने की बात कहकर बहुत परेशान करते थे।

इसी से तंग आकर उसने नौकरी छोड़ दी थी। नौकरी छोड़ने पर उसे 20 हजार रुपए ही दिए गए थे। उसका करीब 10 हजार रुपए वेतन बकाया था। बार-बार मांगने के बावजूद रकम नहीं मिल रही थी। इसी बात से गुस्सा होकर उसने मालिकों को सबक सिखाने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया। आरोपी ने यह भी कबूल किया कि उसे नहीं पता था कि अन्य दुकानदारों को भी इससे भारी नुकसान हो जाएगा।

150 रुपए का पेट्रोल खरीदकर लाया था सूरत ज्वाइंट सीपी कर्णराज सिंह वाघेला ने बताया कि आरोपी विनोद ने पूछताछ में बताया कि उसने मालिक को सबक सिखाने के लिए मार्केट में आग लगाने का फैसला किया था। 8 सितंबर की रात करीब 10 बजे 150 रुपए का पेट्रोल प्लास्टिक की बोतल में खरीदा और उसे अपने बैग में रख लिया थी।

इसके बाद वह बिल्डिंग की सीढ़ियों पर बैठकर उसने पूरे मार्केट के खाली होने के इंतजार किया। रात करीब साढ़े 12 बजे जब पूरा मार्केट खाली हो गया तो उसने बैग से पेट्रोल की बोतल निकाली और दुकान के बाहर रखे कपड़ों के पार्सलों पर पेट्रोल छिड़ककर माचिस लगा दी और भाग निकला।

अगले दिन न्यूज चैनल पर देखा कि उसके खिलाफ FIR दर्ज हो गई है अगले दिन सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर आग की खबर देखने के बा

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

सूरत के संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में एक कर्मचारी ने ₹24 करोड़ के सामान पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाई, क्योंकि मालिक ने उसे ₹10 000 का वेतन नहीं दिया था। यह घटना 9 सितंबर की रात हुई और बाजार को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुँचा। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें श्रमिकों के वेतन विवाद और व्यापारिक सुरक्षा के मुद्दे सामने आते हैं। यदि ऐसे मामलों को न रोका जाए तो आम जनता को आर्थिक नुकसान, रोज़गार में अस्थिरता और व्यापारिक विश्वास में कमी जैसी समस्याएँ झेलनी पड़ सकती हैं।

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

कर्मचारी के वेतन विवाद को कानूनी मार्ग से सुलझाना चाहिए, न कि हिंसा से। जब भी असहमति हो, संवाद, मध्यस्थता और न्यायिक प्रक्रियाएँ सबसे भरोसेमंद विकल्प हैं। इस तरह के आपदाओं से बचने के लिए नियोक्ता और कर्मचारी दोनों को अपने अधिकारों और कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। समाज को आपसी सम्मान और सहानुभूति के आधार पर एकजुट होना चाहिए, ताकि ऐसे दुखद घटनाएँ न दोहरें।

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