स्व-सहायता समूह से जुड़कर रेखा बनीं आत्मनिर्भर, सब्जी-पशुपालन और सिलाई से बढ़ी आय
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देवास की रेखा बैरागी ने समूह और बैंक ऋण से शुरू किए तीन व्यवसाय
करीब 2 लाख रुपये सालाना शुद्ध आय अर्जित कर बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
देवास, अक्टूबर 04: जिले के टोंकखुर्द विकासखंड के ग्राम इकलेरा की रेखा बैरागी स्व सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गई हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जय महाकाल स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने सब्जी व्यवसाय, पशुपालन और सिलाई का काम शुरू किया। रेखा ने समूह और बैंक से मिले ऋण का उपयोग व्यवसाय बढ़ाने में किया।
उन्होंने सब्जी व्यवसाय के लिए एक लाख रुपये का ऋण लिया, जिससे उन्हें सालाना करीब 70 हजार रुपये की आय हो रही है। वहीं पशुपालन के लिए एक लाख रुपये के ऋण से दुधारू पशु खरीदे और दूध बिक्री का व्यवसाय शुरू किया, जिससे सालाना एक लाख रुपये से अधिक की आय हो रही है। सिलाई कार्य से करीब 30 हजार रुपये सालाना आय प्राप्त होती है।
इस तरह रेखा करीब दो लाख रुपये सालाना शुद्ध आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार जताया।
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बाइट – रेखा बैरागी, स्व सहायता समूह सदस्य, ग्राम इकलेरा, देवास
बाइट – कमल बैरागी