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स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026- लखनऊ पहले नंबर पर:दिल्ली प्रदूषित हवा के बावजूद श्रीनगर और बेंगलुरु से आगे; इंदौर पूरे देश में दूसरे नंबर पर

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 8 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026- लखनऊ पहले नंबर पर:दिल्ली प्रदूषित हवा के बावजूद श्रीनगर और बेंगलुरु से आगे; इंदौर पूरे देश में दूसरे नंबर पर

केंद्र के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में दिल्ली ने श्रीनगर और बेंगलुरु से बेहतर रैंक हासिल की है। 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में दिल्ली 21वें स्थान पर रही, जबकि श्रीनगर 26वें और बेंगलुरु 32वें स्थान पर हैं। मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी नतीजों के मुताबिक, लखनऊ 198 अंकों के साथ पहले स्थान पर रहा।

इंदौर दूसरे और जबलपुर 195 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। यह रैंकिंग सिर्फ हवा की गुणवत्ता के आधार पर नहीं बनी है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने प्रदूषण रोकने की कोशिशों और उनके अमल को भी इसमें शामिल किया है। मुबंई 28वें स्थान पर मुंबई 160.8 अंकों के साथ 28वें, चेन्नई 147.7 अंकों के साथ 35वें और कोलकाता 142.2 अंकों के साथ 38वें स्थान पर रहा।

हैदराबाद 19वें स्थान पर रहकर दिल्ली से आगे रहा। भोपाल और आगरा 192-192 अंकों के साथ संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर रहे। रैंकिंग किस आधार पर बनी केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत स्वच्छ वायु सर्वेक्षण कराया गया। इसमें सड़क की धूल रोकने, ठोस कचरा प्रबंधन, वाहनों और उद्योगों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण, निर्माण कचरा प्रबंधन और लोगों के बीच जागरूकता जैसे कामों का आकलन किया गया।

शहरों ने पहले अपना आकलन किया। इसके बाद राज्य स्तरीय निगरानी समितियों ने उसे मंजूरी दी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मूल्यांकन किया और स्वतंत्र पैनल ने मौके पर जाकर इसकी जांच की। दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) सर्दियों में अक्सर 400 के पार चला जाता है।

यह स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है और कभी-कभी AQI 450 से भी ऊपर पहुंच जाता है। दिल्ली की रैंकिंग इसलिए हैरान करने वाली लग सकती है, क्योंकि वह भारत के सबसे प्रदूषित शहरी इलाकों में बनी हुई है। सरकार के मुताबिक, 2025 दिल्ली के लिए प्रदूषण के लिहाज से 2018 के बाद सबसे अच्छा साल रहा। इसमें कोविड से प्रभावित 2020 को शामिल नहीं किया गया है।

इसके बावजूद दिल्ली में PM10 की सालाना औसत मात्रा 198 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और PM2.5 की मात्रा 97 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रही। -------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें….

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📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 के परिणामों पर आधारित है, जिसमें लखनऊ ने 198 अंकों के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि दिल्ली ने 21वें स्थान पर रही। यह विषय वायु प्रदूषण के मापन और सुधार के प्रयासों को दर्शाता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत के प्रमुख शहरों में वायु गुणवत्ता के वास्तविक स्तर को उजागर करती है, जिससे सरकार और नागरिकों को नीतिगत निर्णय लेने में मदद मिलती है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि वे अपनी स्वास्थ्य जोखिमों को बेहतर समझ सकें, और बेहतर वायु शुद्धिकरण उपायों

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