भोपाल

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 का रिजल्ट जारी, लखनऊ टॉप पर; जानें इंदौर-जबलपुर की रैंक

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 8 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 का रिजल्ट जारी, लखनऊ टॉप पर; जानें इंदौर-जबलपुर की रैंक

नई दिल्ली। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 के परिणाम जारी कर दिए गए हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की ओर से किए गए इस सर्वेक्षण में 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों की श्रेणी में लखनऊ ने देश में पहला स्थान हासिल किया है। लखनऊ को कुल 198 अंक मिले हैं। वहीं मध्य प्रदेश के इंदौर ने 197 अंकों के साथ दूसरा और जबलपुर ने 195 अंकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया।

राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से सोमवार, 7 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के इंदिरा पर्यावरण भवन में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसी कार्यक्रम में स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 के बेहतर प्रदर्शन करने वाले शहरों को सम्मानित किया गया।

10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में लखनऊ नंबर-1 सर्वेक्षण की 10 लाख से अधिक आबादी वाली कैटेगरी-1 में लखनऊ ने सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। शहर को 198 अंक मिले और इसके लिए 1.50 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी गई। इस श्रेणी में इंदौर 197 अंकों के साथ दूसरे और जबलपुर 195 अंकों के साथ तीसरे पायदान पर रहा।

भोपाल और आगरा ने 192-192 अंक हासिल कर संयुक्त रूप से चौथा स्थान प्राप्त किया। पेपर मिल कॉलोनी का वार्ड देश में सर्वश्रेष्ठ स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में शहरों के साथ माइक्रो-वार्ड स्तर पर भी प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया। 30 हजार से अधिक आबादी वाले वार्डों की प्रतिस्पर्धा में लखनऊ के जोन-4 का वार्ड नंबर 70, पेपर मिल कॉलोनी देश का सर्वश्रेष्ठ वार्ड चुना गया।

इस उपलब्धि के लिए वार्ड को 50 लाख रुपये का पुरस्कार मिला। भोपाल का BMC-60 वार्ड इस श्रेणी में दूसरे स्थान पर रहा। राउरकेला और कलिंग नगर ने भी मारी बाजी सर्वेक्षण की दूसरी श्रेणी यानी 3 से 10 लाख आबादी वाले शहरों में ओडिशा के राउरकेला ने 198.5 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया। फिरोजाबाद और गुंटूर 195-195 अंकों के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे।

वहीं 3 लाख से कम आबादी वाली कैटेगरी-3 में ओडिशा के कलिंग नगर ने 198.5 अंक हासिल कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया। अंगुल दूसरे और तालचेर तीसरे स्थान पर रहा। किन प्रयासों से लखनऊ को मिली कामयाबी?

लखनऊ की रैंकिंग में सुधार के पीछे शहर में वायु प्रदूषण कम करने के लिए किए गए कई स्तरों के प्रयास अहम रहे। इनमें सड़क की धूल पर नियंत्रण, इलेक्ट्रिक वाहनों के जरिए कचरा संग्रहण, मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग और वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन शामिल हैं। शहर में करीब 1,100 इलेक्ट्रिक वाहनों के माध्यम से घर-घर कचरा संग्रह किया जा रहा है।

इसके अलावा सफाई व्यवस्था में 97 मैकेनाइज्ड स्वीपिंग मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। शहर की वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन व्यवस्था की क्षमता करीब 2,550 TPD बताई गई है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण का उद्देश्य शहरों में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए किए जा रहे स्थानीय स्तर के प्रयासों को प्रोत्साहित करना और बेहतर प्रदर्शन करने वाले शहरों को पहचान देना है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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