स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट:डॉक्टरों-स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टियां रद्द, अस्पतालों में बेड आरक्षित
प्रदेश में स्वाइन फ्लू और मौसमी बुखार के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। साथ ही, मरीजों के लिए अस्पतालों में विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
जिले के अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के मरीजों के इलाज के लिए अलग से बेड आरक्षित किए गए हैं। मेडिकल कॉलेज में 50 बेड, जिला अस्पताल में 20 बेड और सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में 15 बेड निर्धारित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर पांच-पांच बेड आरक्षित किए गए हैं।
सभी अस्पतालों में फीवर हेल्प डेस्क भी स्थापित की गई हैं। सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी गई है, जिनका चिकित्सकों द्वारा इलाज किया जा रहा है। अस्पताल के सीएमएस डॉ.
रवि पांडे ने बताया कि स्वाइन फ्लू के लिए 15 बेड आरक्षित हैं और जांच के लिए आवश्यक दवाएं मंगाई जा रही हैं। जल्द ही जांच सुविधा भी शुरू कर दी जाएगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार भिटौरिया ने बताया कि विभाग स्वाइन फ्लू को लेकर पूरी तरह सतर्क है। अस्पतालों में आवश्यक दवाएं और वैक्सीन पहले से उपलब्ध हैं।
लोगों को बीमारी के प्रति जागरूक करने के लिए प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। सीएमओ ने लोगों को सलाह दी है कि वे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें और सर्दी-बुखार जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लें।
उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षणों में सिरदर्द, बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी और गले में खराश शामिल हैं। ऐसे लक्षण होने पर लापरवाही न बरतने की अपील की गई है। फिलहाल जिले में स्वाइन फ्लू का कोई संदिग्ध मरीज सामने नहीं आया है। डॉ.
भिटौरिया ने बताया कि स्वाइन फ्लू की जांच की सुविधा राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध है। संदिग्ध मरीज मिलने पर जांच कराते हुए आवश्यक उपचार की व्यवस्था की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
📡 स्रोत: NewsData.io