स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:अच्छे लोगों की संगति से हमारे स्वभाव में संयम आता है; हम मन, वचन और कर्म में एकरूप होते हैं
जैसा आपका संग होगा, वैसी ही आपकी प्रवृत्तियां और प्रकृति बनेंगी। समय के साथ आपका भाग्य भी उन्हीं विचारों, वचनों और कर्मों का परिणाम बनकर सामने आएगा। इसलिए साधु संगति में रहें। साधु संगति की वजह से व्यक्ति मन, वचन और कर्म से एकरूप और संयमित बनता है। यही सत्संग संयम, सदाचार, शील और सद्चरित्र को जागृत करता है।
जीवन को सही दिशा मिलती है। इसलिए अपनी संगति का चयन सोच-समझकर करें। श्रेष्ठ लोगों का संग अपनाएं, अच्छे विचारों को जीवन में उतारें और अपने आचरण को पवित्र बनाएं। आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए जीवन में पवित्रता कैसे आती है?
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📡 स्रोत: NewsData.io