स्वरा भास्कर के समर्थन में उतरे मौलाना साजिद रशीदी, बोले- 'उन्होंने बहुत अच्छी बात कही'
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एक्ट्रेस स्वरा भास्कर अपने बयान की वजह से सुर्खियों में बनी हुई हैं. स्वरा दीपिका पादुकोण की फिल्म पद्मावत के जौहर सीन को लेकर बयान दिया था जिसके बाद से वो ट्रोल हो रही हैं. जहां कई लोग स्वरा को ट्रोल कर रहे हैं वहीं ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के प्रेसिडेंट मौलाना साजिद रशीदी ने उनका सपोर्ट किया है.
स्वरा ने बहुत अच्छी बात कही मौलाना साजिद रशीदी ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, ''स्वरा भास्कर ने बहुत अच्छी बात कही. मुझे एक बात बताइए, अगर रेप सर्वाइवर्स जिंदा हैं, तो क्या इसका मतलब यह है कि वे डरपोक हैं? कि उन्हें जीने का हक नहीं है और उन्हें अपनी जान दे देनी चाहिए थी?
सवाल यह है कि कुछ लोग यह भी कहते हैं कि उस समय हालात ऐसे थे कि जो राजा जीतता था, वह महिलाओं को पकड़कर ले जाता था इस तरह की बातें होती हैं.'' आस्था से कोई लेना-देना नहीं है इतिहास में ऐसी एक भी घटना नहीं मिलती जहां किसी राजा ने किसी महिला को पकड़ा हो और उसके साथ कोई अपराध किया हो.
इतिहास में ऐसी कोई घटना मौजूद नहीं है. हां, यह जरूर मिलता है... जैसे अलाउद्दीन खिलजी या रतन सेन का मामला लें. उन्होंने रानी पद्मावती की सुंदरता देखी, उनकी सुंदरता को समझा, और खिलजी वहां लड़ने पहुंचा.
अगर उसने उन्हें पकड़ भी लिया होता, तो पकड़ने के बाद अपराध करने का कोई सवाल ही नहीं उठता. वह उन्हें रानी बनाता और अपने हरम में रखता. और कितने ही मुसलमान... मेरा मानना है कि सभी मुस्लिम मुगल राजाओं के हरम में हिंदू रानियां थीं.
यह कहना कि 'ऐसा गलत होगा, वैसा हो जाएगा' मैं इन सभी बातों को बेबुनियाद मानता हूं. यह मेरी समझ से परे है. इसका आस्था से कोई लेना-देना नहीं है." दरअसल, पूरा विवाद स्वरा भास्कर के 31 अगस्त के बयान से शुरू हुआ.
दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में 'वुमन लाइफ फ्रीडम टॉक' कार्यक्रम में उनसे साल 2018 में 'पद्मावत' को लेकर लिखे गए उनके खुले खत के बारे में पूछा गया था. जवाब देते हुए स्वरा ने कहा, ''जब मैं फिल्म का सीन देख रही थी जिसमें सभी 800 महिलाएं जौहर करती हैं तो मैंने सोचा कि ईश्वर न करे, लेकिन अगर मैं रेप
📡 स्रोत: ABP Live