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स्वरूपानंद महाविद्यालय में “सुरक्षित जल, स्वस्थ जीवन” विषय पर “वर्षा ऋतु सुरक्षित जल प्रतियोगिता–2026” का सफल आयोजन

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 27 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
स्वरूपानंद महाविद्यालय में “सुरक्षित जल, स्वस्थ जीवन” विषय पर “वर्षा ऋतु सुरक्षित जल प्रतियोगिता–2026” का सफल आयोजन

भिलाई . असल बात news. स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय, हुडको, भिलाई में सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग द्वारा माइक्रोबायोलॉजिस्ट सोसाइटी इंडिया के सहयोग से जलजनित रोगों की रोकथाम एवं सुरक्षित पेयजल के प्रति जागरूकता हेतु विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय सुरक्षित जल, स्वस्थ जीवन” रहा।

वर्षा ऋतु में दूषित जल से होने वाले विभिन्न जलजनित रोगों की रोकथाम, सुरक्षित जल के महत्व तथा कम लागत वाली जल शुद्धिकरण तकनीकों के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए विभिन्न रचनात्मक एवं वैज्ञानिक प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। कार्यक्रम के दौरान समन्वयक, डॉ. शमा ए.

बेग, विभागाध्यक्ष, सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग ने विभाग द्वारा विकसित जल परीक्षण किट का प्रदर्शन किया।

उन्होंने किट के माध्यम से पेयजल की गुणवत्ता एवं उसकी पीने योग्य स्थिति की प्राथमिक जाँच की प्रक्रिया को विद्यार्थियों एवं उपस्थित प्रतिभागियों के समक्ष प्रदर्शित किया।उन्होंने बताया कि यह किट कम लागत में जल की गुणवत्ता के प्राथमिक परीक्षण के लिए उपयोगी है तथा इसके माध्यम से जल की सुरक्षा के संबंध में प्रारंभिक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

डॉ. शमा ने कहा कि “सुरक्षित पेयजल की पहचान एवं जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए जल परीक्षण के प्रति जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।” उन्होंने विद्यार्थियों को इस किट के माध्यम से वैज्ञानिक ज्ञान को समाजोपयोगी कार्यों से जोड़ने के लिए प्रेरित किया। श्री शंकराचार्य शैक्षणिक परिसर के निदेशक डॉ. दीपक शर्मा एवं डॉ.

मोनिशा शर्मा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों को वैज्ञानिक ज्ञान को वास्तविक जीवन की स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संबंधी समस्याओं का समाधान खोजने का अवसर प्रदान करती हैं।

सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग एवं माइक्रोबायोलॉजिस्ट सोसाइटी भारत के इस संयुक्त प्रयास को जन-जागरूकता एवं विद्यार्थी-केंद्रित वैज्ञानिक शिक्षा की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ.

हंसा शुक्ला ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि “सुरक्षित जल, स्वस्थ जीवन” जैसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों को पाठ्यक्रमीय ज्ञान के साथ-साथ स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

प्रतियोगिता के अंतर्गत कम लागत वाली जल शुद्धिकरण प्रणाली पर मॉडल निर्माण, वैज्ञानिक इन्फोग्राफिक एवं स्लोगन लेखन, रील/शॉर्ट वीडियो, नुक्कड़ नाटक, वाद-विवाद, फोटोग्राफी एवं क्विज जैसी गतिविधियाँ आयोजित की गईं।

विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए वैज्ञानिक तथ्यों को रचनात्मक एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।नुक्कड़ नाटक, रील एवं स्लोगन के माध्यम से वर्षा ऋतु में स्वच्छता, सुरक्षित जल भंडारण तथा जलजनित रोगों की रोकथाम का संदेश जन-जागरूकता के रूप में प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार, टीमवर्क, संचार कौशल एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया। विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता के साथ यह संदेश दिया कि सुरक्षित जल केवल स्वास्थ्य का आधार नहीं, बल्कि एक स्वस्थ एवं जागरूक समाज की आवश्यकता है।

कार्यक्रम के दौरान सभी विद्यार्थियों ने सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल के उपयोग तथा जलस्रोतों के संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की शपथ ली। विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं केवल सुरक्षित एवं स्वच्छ जल का सेवन करेंगे तथा अपने परिवार एवं समाज को भी जल की गुणवत्ता और स्वच्छता के प्रति जागरूक करेंगे।

इस अवसर पर विद्यार्थियों ने “सुरक्षित जल – स्वस्थ जीवन” के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने तथा स्वच्छ, स्वस्थ एवं पर्यावरण-संवेदनशील समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।

आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता एवं प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

मॉडल निर्माण, वैज्ञानिक इन्फोग्राफिक, स्लोगन लेखन, रील/शॉर्ट वीडियो, नुक्कड़ नाटक, जल परीक्षण, वाद-विवाद, फोटोग्राफी एवं क्विज प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के लिए चयनित किया गया। प्रतियोगिताओं का निष्पक्ष एवं प्रभावी मूल्यांकन डॉ.

शिवानी शर्मा, विभागाध्यक्ष जैव प्रौद्योगिकी एवं डॉ. रजनी मुदलियार , विभागाध्यक्ष रसायन विज्ञान द्वारा किया गया।

निर्णायकों ने प्रतिभागियों की रचनात्मकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, प्रस्तुतीकरण, विषय की समझ एवं सामाजिक प्रासंगिकता के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया।इस अवसर पर विद्यार्थियों की वैज्ञानिक अभिरुचि, रचनात्मक अभिव्यक्ति एवं सामाजिक जागरूकता की सराहना की गई।

विभिन्न प्रतियोगिताओं में महाविद्यालय के विभिन्न संकायों एवं विभागों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।विद्यार्थियों ने मॉडल निर्माण, वैज्ञानिक इन्फोग्राफिक, स्लोगन लेखन, रील/शॉर्ट वीडियो, नुक्कड़ नाटक, जल परीक्षण, वाद-विवाद, फोटोग्राफी एवं क्विज जैसी गतिविधियों में सक्रिय भाग लेते हुए अपनी वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता, नवाचार एवं सामाजिक जागरूकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

उनकी सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम को सफल एवं प्रभावशाली बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में जीव विज्ञान विभाग की प्राध्यापक सुश्री सुरभि श्रीवास्तव एवं सुश्री मोहिनी शर्मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

उन्होंने प्रतियोगिताओं के आयोजन, विद्यार्थियों के मार्गदर्शन, प्रतिभागियों के समन्वय तथा विभिन्न गतिविधियों के सुचारू संचालन में सक्रिय भूमिका निभाई। उनके सहयोग एवं समर्पण से कार्यक्रम को व्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सका।

📡 स्रोत: NewsData.io

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