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स्वास्थ्य सेवाओं में आधुनिक तकनीक और एआई का बढ़ेगा उपयोग: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 23 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
स्वास्थ्य सेवाओं में आधुनिक तकनीक और एआई का बढ़ेगा उपयोग: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

‘मोदी 25 : विकसित भारत, बढ़ता मध्यप्रदेश’ कॉन्क्लेव में स्वास्थ्य, निवेश और पर्यटन समेत विभिन्न विषयों पर रखे विचार

भोपाल, 23 सितंबर 2026। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता बढ़ाने के साथ आधुनिक तकनीक तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग का विस्तार किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन, प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत करने, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और आधुनिक चिकित्सा अधोसंरचना विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री भोपाल में आयोजित ‘मोदी 25 : विकसित भारत, बढ़ता मध्यप्रदेश’ कॉन्क्लेव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे बदलावों के साथ ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं, आयुष्मान भारत, चिकित्सा अधोसंरचना, तकनीक, औद्योगिक विकास और पर्यटन से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए।

उन्होंने कहा कि मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर तक लाने के लिए स्वास्थ्य अधोसंरचना, मानव संसाधन, जांच एवं उपचार सुविधाओं के साथ जनजागरूकता पर भी लगातार काम किया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच सुनिश्चित करने में स्वास्थ्य अमले और आशा कार्यकर्ताओं के साथ परिवार तथा पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कुपोषण और गंभीर एनीमिया को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी प्रमुख चुनौतियों में शामिल करते हुए समय रहते जांच और उपचार की आवश्यकता बताई।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में टेलीमेडिसिन सुविधाओं के विस्तार की जानकारी देते हुए शुक्ल ने कहा कि इसके माध्यम से ग्रामीण मरीज जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञ चिकित्सकों से वीडियो कंसल्टेशन प्राप्त कर सकते हैं। आवश्यकता होने पर मरीज को उच्च स्वास्थ्य संस्थान में रेफर किया जा सकता है। इससे सामान्य उपचार के लिए ग्रामीण मरीजों को बार-बार बड़े शहरों की ओर जाने की जरूरत कम हो सकती है।

आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना है। उनके अनुसार मध्यप्रदेश में करीब 4.5 करोड़ लोगों को योजना का लाभार्थी बनाया गया है और योजना लागू होने के बाद अब तक लगभग 14 हजार करोड़ रुपये के भुगतान किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि योजना में ऑडिट, संदिग्ध बिलों की पहचान, थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और क्रॉस-चेकिंग जैसी व्यवस्थाएं हैं। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संस्थान के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि जिला अस्पतालों में निःशुल्क जांच और उपचार के साथ आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। आईपीएचएल लैब में 134 प्रकार की जांच उपलब्ध होने से मरीजों को जांच के लिए बड़े शहरों में सैंपल भेजने की आवश्यकता कम हुई है। जिला अस्पतालों पर दबाव कम करने के लिए प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी आवश्यक सुविधाओं से मजबूत किया जा रहा है, ताकि मरीजों को प्राथमिक और सेकेंडरी स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं उनके नजदीक उपलब्ध हो सकें।

दवाओं की गुणवत्ता को लेकर उन्होंने कहा कि शासकीय आपूर्ति में आने वाली दवाओं के बैच को जांच के लिए एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में भेजा जाता है। निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाए जाने के बाद ही दवाओं को वितरण के लिए भेजा जाता है। मेडिकल स्टोर्स के निरीक्षण और अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई की व्यवस्था भी लागू है।

रीवा में स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार की जानकारी देते हुए शुक्ल ने कहा कि 750 बिस्तरीय मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल का निर्माण जारी है। इसके पूरा होने पर विंध्य क्षेत्र में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा और संजय गांधी अस्पताल पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने निर्माणाधीन कैंसर ब्लॉक को जनवरी तक पूरा करने के प्रयास की जानकारी देते हुए कहा कि कैंसर उपचार के लिए लीनियर एक्सीलरेटर, ब्रेकीथेरेपी और पेट स्कैन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं में एआई और आधुनिक तकनीक के उपयोग का उल्लेख करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि टीबी स्क्रीनिंग में एआई आधारित एक्स-रे तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। स्क्रीनिंग, डायग्नोसिस और उपचार की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नई तकनीकों तथा रोबोटिक्स आधारित व्यवस्थाओं पर भी काम किया जा रहा है।

औद्योगिक विकास और निवेश के संबंध में उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में मैन्युफैक्चरिंग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के साथ संभागीय स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर हाईवे, रेलवे और एयर कनेक्टिविटी सहित अधोसंरचना के विकास से निवेश के लिए परिस्थितियां बेहतर हुई हैं। रीवा में एयर कनेक्टिविटी के विस्तार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे विंध्य क्षेत्र में विकास और निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा मिल सकता है।

पर्यटन की संभावनाओं पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में धार्मिक, वन्यजीव और प्राकृतिक पर्यटन के लिए विविध स्थल मौजूद हैं। उज्जैन, ओंकारेश्वर, चित्रकूट और मैहर जैसे धार्मिक स्थलों के साथ राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव क्षेत्र, जलप्रपात और जलाशय प्रदेश की पर्यटन क्षमता को विस्तार देते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन के साथ औद्योगिक विकास, कृषि और सिंचाई के विस्तार पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने सिंचाई का रकबा 54 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर एक करोड़ हेक्टेयर करने के लक्ष्य का उल्लेख किया।

वन्यजीव पर्यटन के संदर्भ में शुक्ल ने कूनो में चीता संरक्षण कार्यक्रम और विंध्य क्षेत्र की व्हाइट टाइगर सफारी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चीता संरक्षण और प्रजनन से कूनो की पहचान मजबूत हुई है, जबकि विंध्य क्षेत्र का सफेद बाघ से ऐतिहासिक संबंध रहा है।

कॉन्क्लेव के दौरान उप मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश के विकास और विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों से जुड़े विषयों पर संवाद किया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित भी किया गया।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

मध्यप्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में आधुनिक तकनीक और एआई को बढ़ावा देने की योजना पर जोर दे रही है। यह पहल ग्रामीण इलाकों में टेलीमेडिसिन, प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की पहुँच और गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से है। खबर का महत्व इस बात में है कि यह डिजिटल स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करके स्वास्थ्य देखभाल को सुलभ और किफायती बना सकती है। यदि सफल हुआ तो आम जनता को तेज निदान, दवा की उपलब्धता और दूरस्थ विशेषज्ञ परामर्श जैसी सुविधाएँ मिलेंगी, जिससे रोगी संतुष्टि और स्वास्थ्य स्तर

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।