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स्वतंत्र भारद्वाज के वकील बोले- गिरफ्तारी की हिम्मत कैसे की:कहा- सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर से जुड़े मामले रद्द कर दिए, फिर FIR कैसे हुई

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 7 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
स्वतंत्र भारद्वाज के वकील बोले- गिरफ्तारी की हिम्मत कैसे की:कहा- सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर से जुड़े मामले रद्द कर दिए, फिर FIR कैसे हुई

दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी को लेकर सुनवाई हुई। भारद्वाज के वकील ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर मामले से जुड़ी सारी FIR रद्द कर दी थीं, तो दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जाकर उसे गिरफ्तार करने की हिम्मत कैसे की। पुलिस ने इस दावे को चुनौती देते हुए कहा कि मौजूदा मामले की FIR रद्द नहीं हुई है।

कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से साफ जवाब मांगा कि संबंधित FIR अभी है या नहीं। कोर्ट ने पुलिस को तुरंत बयान देने या हलफनामा दाखिल करने का विकल्प दिया। इस बीच, कोर्ट ने भारद्वाज की न्यायिक हिरासत 14 दिन बढ़ाकर 21 सितंबर तक कर दी। भारद्वाज को 23 जून को संजय आजाद पर हमले के मामले में तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्पेशल जज सौरभ प्रताप सिंह लालेड़ के सामने पेश किया गया था।

पुलिस ने 4 सितंबर को हिरासत में लिया था भारद्वाज को 4 सितंबर को बुलंदशहर में हिरासत में लिया गया था। इसके बाद उन्हें दिल्ली लाया गया। 5 सितंबर को कोर्ट ने पुलिस को एक दिन की कस्टोडियल पूछताछ की अनुमति दी। इसके बाद रविवार को उन्हें एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। यह गिरफ्तारी एक वीडियो पॉडकास्ट के बाद हुए विवाद के बीच हुई।

इसमें भारद्वाज ने कथित तौर पर दावा किया था कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान उन्होंने संजय आजाद की सर फोड़ दिया था। उन्होंने यह भी कहा था कि हमले के चलते IPC की धारा 307 लगाई गई। बाद में भारद्वाज ने दावा किया कि उन्होंने आत्मरक्षा में ऐसा किया था। स्वतंत्र भारद्वाज-नीशू आजाद केस: घटनाक्रम 4 सितंबर: नीशू आजाद और उनके पिता के समर्थन में CJP नेताओं और समर्थकों ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया।

नीशू की ओर से वकील ऋषव रंजन ने पुलिस से हत्या के प्रयास, आपराधिक धमकी और SC/ST Act की संबंधित धाराएं जोड़ने की मांग की। पुलिस ने ये धाराएं जोड़ीं। स्वतंत्र हिरासत में लिया गया। 5 सितंबर: स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन में दिल्ली में हिंदू संगठन ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दक्ष चौधरी ने बुलाया था।

दक्ष हाई प्रोफाइल लोगों से मारपीट करने और थप्पड़ लगाने के लिए जाना जाता है। उसने कन्हैया कुमार को भी थप्पड़ मारा था। मारपीट मामले में पीड़ित, आरोपी और दिल्ली पुलिस का पक्ष.... 1.

पीड़ित पक्ष- संजय कुमार/नीशू आजाद CJP कार्यकर्ता निश

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

इस खबर में स्वतंत्र भारद्वाज के गिरफ्तारी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट की सुनवाई पर चर्चा है, जहाँ वकील ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा जंतर-मंतर मामले से संबंधित FIR रद्द करने के बाद पुलिस की गिरफ्तारी पर सवाल उठाया। यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह न्यायिक निर्णय और पुलिस कार्यवाही के बीच टकराव को उजागर करता है, जिससे कानूनी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही पर प्रकाश पड़ता है। आम जनता पर इसका असर यह है कि इससे नागरिकों को यह संदेश मिलता है कि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन अनिवार्य है और पुलिस

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