टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: छात्र संघ का चुनाव जीतने में बिश्नोई गैंग ने की थी प्रांजल की मदद, बदले में बना गैंग का खास गुर्गा
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बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में आरोपी प्रांजल ठकरान की भूमिका को लेकर अहम खुलासे हुए हैं.
जांच के मुताबिक, बिश्नोई गैंग ने हरियाणा में छात्र संघ का चुनाव जीतने में प्रांजल की मदद की थी.
इसके बाद वह पहले गैंग के लिए स्लीपर सेल के तौर पर काम करने लगा और धीरे-धीरे गिरोह के अहम सदस्यों में शामिल हो गया.
पुलिस के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की साजिश में शामिल आरोपियों के बीच तालमेल बनाए रखने की जिम्मेदारी भी प्रांजल को दी गई थी.
छात्र संघ के चुनाव से गैंग तक पहुंचा प्रांजल
मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच के मुताबिक, प्रांजल ठकरान ने वर्ष 2025 में हरियाणा के हिंदू कॉलेज में छात्र संघ अध्यक्ष का चुनाव लड़ा था.
इस दौरान बिश्नोई गैंग से जुड़े स्थानीय बदमाशों ने उसकी मदद की थी.
पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, चुनाव जीतने के बाद प्रांजल गैंग के संपर्क में आया और उसके लिए काम करने लगा.
शुरुआत में प्रांजल ने स्लीपर सेल के तौर पर काम करते हुए गैंग को जानकारी और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराई.
बाद में वह गैंग के कथित मास्टरमाइंड अनिल पंडित के करीब आ गया और गिरोह के लिए सक्रिय रूप से काम करने लगा.
फायरिंग की साजिश में समन्वय की जिम्मेदारी
जांच में सामने आया है कि टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की साजिश में शामिल आरोपियों के बीच समन्वय बनाए रखने की जिम्मेदारी अनिल पंडित ने प्रांजल को सौंपी थी.
पुलिस के मुताबिक, उसे शूटरों, हथियारों की व्यवस्था करने वालों और अन्य सहयोगियों के बीच तालमेल बनाए रखने का काम दिया गया था.
जांच एजेंसियों के अनुसार, अमृतसर में अवैध हथियारों की खेप पहुंचने के बाद प्रांजल ने अपने सहयोगियों कुणाल और अन्य साथियों को हथियार लेने के लिए भेजा था.
पुलिस उसके कथित आपराधिक नेटवर्क और पहले की गतिविधियों की भी जांच कर रही है.
रंगदारी और हथियारों की व्यवस्था म
📡 स्रोत: ABP Live Film